
यूपी के बुलंदशहर जिले के बहुचर्चित स्याना हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने चार हिंसा के आरोपियों को जमानत दे दी है. उसके बावजूद भी इन चारों आरोपियों को जेल के बाहर जाना मुमकिन नहीं होगा. इसी हिंसा में स्याना कोतवाली के इंस्पेक्टर सुबोध सिंह सिंह समेत दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने हिंसा के चार आरोपियों टिंकू, अशोक, चंद्रपाल और रोहित की जमानत सत्रह धाराओं में मंजूर कर ली है.
हालांकि जमानत मिलने के बाद भी ये आरोपी अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे, क्योंकि यूपी सरकार की मंजूरी के बाद इन सभी के खिलाफ बाद में देशद्रोह की धारा 124 A भी लगा दी गई थी. देशद्रोह की धारा में भी जमानत पाने के लिए आरोपियों की तरफ से बाद में अलग से अर्जी दाखिल की जाएगी.
इन सभी पर गोकशी की अफवाह के बाद थाना घेरने, हंगामा करने, जानलेवा हमला किये जाने, हिंसा फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत सत्रह धाराओं में केस दर्ज हुआ था.
एसआईटी ने इन चारों के साथ ही कुल चौवालीस लोगों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था. अदालत की फटकार के बाद ही देशद्रोह की धारा के तहत केस चलाने की भी मंजूरी दी गई. यह हिंसा पिछले साल तीन दिसम्बर को हुई थी. इसमें हिंसा के दौरान हुई फायरिंग में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह समेत दो लोगों की मौत हो गई थी.
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