बीजेपी के संगठन महामंत्री का युवक से अश्लील चैटिंग और वीडियो वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश में हड़कंप !

बीजेपी के संगठन महामंत्री का युवक से अश्लील चैटिंग और वीडियो वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश में हड़कंप !

मध्य प्रदेश में एक और ‘राघवजी’ की प्रदेश बीजेपी ने छुट्टी कर दी है। युवक से अश्लील चैटिंग और वीडियो के वायरल होने के बाद बीजेपी की राज्य इकाई ने यह क़दम उठाया है। पद से हटाये गये पदाधिकारी का नाम प्रदीप जोशी है और वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्णकालिक सदस्य रहे हैं। उनकी सेवाएँ उज्जैन संभागीय संगठन महामंत्री के तौर पर ली जा रही थीं।
प्रदीप जोशी उज्जैन से पहले ग्वालियर के संगठन महामंत्री थे। महाकाल की नगरी में एक युवक के साथ अंतरंगता वाला उनका एक कथित अश्लील वीडियो पिछले कुछ दिनों से ख़ूब वायरल हो रहा था। वीडियो के वायरल होने के बाद से प्रदेश इकाई सकते में थी। वीडियो के बाद युवक के साथ उनकी अश्लील चैटिंग भी वायरल हुई। बताते हैं कि पार्टी ने जोशी से गुपचुप जवाब-तलब किया। उधर, आरएसएस ने भी जोशी को जमकर लताड़ लगाई।
चहुँओर हो रही बदनामी और छीछालेदर से बचने के लिए मध्य प्रदेश बीजेपी ने गत दिवस प्रदीप जोशी को उज्जैन संगठन महामंत्री पद समेत तमाम दायित्वों से मुक्त कर दिया। प्रदेश बीजेपी ने पूरे मामले में जाँच भी बैठाई है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले के सामने आने के बाद इंदौर रोड स्थित एक हाईराइज बिल्डिंग का एक फ़्लैट भी ख़ासी चर्चा में है। आरोप है कि प्रदीप जोशी पार्टी कार्यालय पर न रहते हुए इसी फ़्लैट में ज़्यादातर वक़्त बिताते थे। फ़्लैट में चुनिंदा युवकों की सक्रियता भी हाईराइज़ बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों में क़ैद है। सूत्रों का दावा है कि सीसीटीवी कैमरों की फ़ुटेज को संगठन के पास भेजा जा सकता है।

राघवजी सैक्स कांड में हुई थी बदनामी

मध्य प्रदेश में साल 2013 में शिवराज सरकार के वरिष्ठ मंत्री राघवजी भाई अपने नौकर के साथ अप्राकृतिक यौन संबंधों को लेकर फंस गए थे। उस वक़्त राघवजी की उम्र 80 बरस थी। अप्राकृतिक यौन संबंधों से जुड़े वीडियो के वायरल होने और नौकर द्वारा शिकायत करने पर भोपाल पुलिस ने राघवजी भाई पर 377 और 506 समेत तमाम धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया था। दिलचस्प बात यह रही थी कि भोपाल के जिस थाने में राघवजी भाई के विरुद्ध प्रकरण दर्ज हुआ था और जिस लॉकअप में वह रहे थे, उसका उन्होंने मंत्री रहते हुए उद्घाटन किया था।

नौकर का आरोप था कि मंत्री अपने सरकारी बंगले में उसके साथ आये दिन अप्राकृतिक यौन संबंध बनाते हैं और कुछ नौकर ऐसा करने में मंत्री की मदद करते हैं। इस कांड के उजागर होने के बाद भोपाल से लेकर दिल्ली तक बीजेपी में जबरदस्त हड़कंप रहा था। शुरूआत में बीजेपी बचाव की मुद्रा में भी दिखी थी। मगर बीजेपी की अपनी शुरूआती जाँच में ही यह आरोप सिद्ध हो गया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके बाद राघवजी से वित्त मंत्री पद से इस्तीफ़ा ले लिया था। बीजेपी ने उन्हें पार्टी से भी बाहर कर दिया था और राघवजी भाई को 34 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था।
राघवजी से जुड़ी जो सीडी वायरल हुई थी, वह बीजेपी के ही एक नेता शिवशंकर पटेरिया ने बनाई थी। पटेरिया ने सीडी बनाने की ज़िम्मेदारी लेते हुए ऑन कैमरा कहा था, ‘पार्टी में व्याप्त गंदगी को दूर करने के लिए उन्होंने यह क़दम उठाया (सीडी बनाई)।’ इस नेता का दावा यह भी रहा था कि राघवजी भाई के कथित ‘अननैचुरल सैक्स प्रेम’ की 22 सीडी उनके पास और भी हैं। हालाँकि बीजेपी ने बाद में उन्हें भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। राघवजी भाई से जुड़े मामले में कोर्ट में अभी मुक़दमा चल रहा है।

जाँच हो रही है : बीजेपी

बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने प्रदीप जोशी के मामले को लेकर कहा है, ‘जोशी के ख़िलाफ़ कोई वीडियो चलाया जा रहा है। उन्होंने (जोशी ने) पार्टी से इसकी जाँच करने का आग्रह किया था। साथ ही कार्यमुक्त करने का भी अनुरोध उनका ही था। इसके बाद रविवार को उन्हें सभी पदों से कार्यमुक्त कर दिया गया है। पार्टी द्वारा पूरे मामले की जाँच कराई जा रही है।’

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