बच्चो को भूखा देख पिता ने मौत को लगाया गले, पांच दिन से नहीं बना था खाना !

बच्चो को भूखा देख पिता ने मौत को लगाया गले, पांच दिन से नहीं बना था खाना !

कासगंज के कस्बा बिलराम में गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहा एक पिता जब बच्चों की भूख नहीं मिटा सका तो उसने मौत को गले लगा लिया।

शनिवार की सुबह गांव के बाहर पेड़ से उसका शव लटका मिला। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।

थाना ढोलना के कस्बा बिलराम के महेशपुर रोड निवासी पूरन (41) पुत्र हुकुम सिंह बेहद गरीब था। वो मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। लेकिन कई दिनों से उसे काम नहीं मिल रहा था। इस कारण परिवार में खाद्यान्न भी नहीं था।

उसकी पत्नी और चार बच्चे आस पड़ोस के घरों में मांग कर खाना खा रहे थे। वो पांच दिन पहले काम की तलाश में दिल्ली चला गया, लेकिन वहां भी उसे कोई काम नहीं मिला। शुक्रवार को वो दिल्ली से लौटकर आया। उसने देखा कि घर में पत्नी और बच्चे भूखे थे।

गांव वालों ने जो कुछ खाने को दे दिया था, उससे ही भूख मिटाई थी। यह देख वो पूरी तरह से टूट गया और जीवन लीला समाप्त करने का निर्णय ले लिया। देर रात उसने गांव के ही समीप एक नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

जानकारी होने के बाद नायब तहसीलदार कीर्ती चौधरी गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली। ढोलना पुलिस को निर्देशित कर शव पोस्टमार्टम को भिजवाया। मृतक के परिवार को खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। मानवीय आधार पर कुछ आर्थिक मदद भी की गई है।

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि मृतक के घर जाकर तहसील प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना किया है। पता लगा है कि युवक काफी गरीब था। काम की तलाश में भटक रहा था। मृतक के परिवार को खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। जो भी संभव होगा मदद की जाएगी।

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