पुलिस ने वकीलों को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका,Aimim कार्यकर्ताओं ने नोकझोंक के बाद पढ़ी नमाज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ पुलिस लाइन्स में उस समय हंगमेबाजी शुरू हो गई जब परिसर स्थित मस्जिद में जुमा की नमाज पढ़ने जारहे वकीलों को पुलिस ने रोका दिया,नमाज पढ़ने से रोके जाने पर वकील आक्रोशित ही गए।

इस मौके पर वकीलों की पुलिस के साथ नोंक-झोंक और झड़प भी हुई, जिसमें कुछ लोग मस्जिद पहुंचकर नमाज पढ़ने में सफल भी हुए। अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना थ कि वो हमेशा से यहां नमाज अदा करने आ रहे हैं, कभी नमाज अदा करने से नहीं रोका गय। जबकि पुलिस का कहना है कि नियम के तहत पुलिस लाइन परिसर में बिना अनुमति किसी बाहरी को आने की इजाजत नहीं।

शुक्रवार को कचहरी के वकील जुमे की नमाज अदा करने जब पुलिस लाइन में बनी मस्जिद गए तो गेट पर पहले से कड़ी सुरक्षा लगी हुई थी और उन लोगों को अंदर जाने से रोक दिया गया। पूछने पर सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस अधीक्षक के आदेश का हवाला देते हुए अंदर प्रवेश कराने से मना कर दिया। इसके बाद तो वहां हंगामा हो गया। अधिवक्ताओं का कहना था कि दशकों से वो इसी मस्जिद में नमाज अदा करते चले आ रहे हैं, जबकि आज पहली बार उन्हें रोका गया है। वकीलों ने सुरक्षा में लगे सिपाहियों से रोकने का आदेश दिखाने को कहा।

वो पुलिस अधीक्षक से मिलने उनके कार्यालय गए, लेकिन वहां उनसे मुलाकात करने से मना कर दिया गया। इसके बाद आक्रोशित वकील मस्जिद की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस कर्मियों के साथ नोंक-झोंक हुई। गुत्थम-गुत्था के बाद कई वकील बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर मस्जिद तक पहुंचने में कामयाब भी रहे। इस दौरान अफरा-तफरी मची रही और मस्जिद के पास ही एक बुजुर्ग सिपाही गश खाकर गिर पड़ा, जिसे सिपाहियों ने संभाला।

इस रोक को लेकर अधिवक्ताओं में खासा आक्रोश रहा। वरिष्ठ अधिवक्ता सिराजुद्दीन का कहना था कि अपनी वकालत के 40 साल से वो इसी मस्जिद में नमाज पढ़ते चले आ रहे हैं, लेकिन कभी किसी ने रोका नहीं। कचहरी और पुलिस लाइन आमने-सामने है इसलिये अधिवक्ता इसी मस्जिद का इस्तेमाल हमेशा से करते चले आ रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने न तो मस्जिद के लिये जाने से रोकने का कोई ऑर्डर दिखाया और न ही एसपी ने मुलाकात की।

उधर एएसपी सुरेन्द्र प्रसाद दि्ववेदी ने दावा किया कि एआईएमआईएम के लोगों ने हंगामा किया और वो अपने साथ मीडिया को लेकर आए थे। हालांकि मीडियाकर्मियों के मुताबिक पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच झड़प की सूचना के बाद मौके वो लोग पहुंचे थे। उन्होंने हंगामा करने वालों पर कार्रवाई की बात भी कही। उन्होंने कहा कि पुलिस लाइन्स के धर्म स्थल पुलिसकर्मियों और वहां रहने वाले उनके परिवार के लोगों के लिये होते हैं।

इस अवसर पर पूरे मामले में मुख्य रूप से ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तिहादुल मुस्लिमीन के पूर्व जिलाध्यक्ष और उपचुनाव में प्रत्याशी रहे इसरार अहमद की मुख्य भूमिका में रहे जिन्होंने पुलिस द्वारा नमाज पढ़ने से रोकने का जमकर विरोध किया और अंदर मस्जिद में नमाज अदा करी।

वहीं Aimim प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने इस घटना पर तीखी आलोचना देते हुए ट्वीट करते हुए लिखा है कि पुलिस लाइन प्रतापगढ़ द्वारा आज की इस असंवैधानिक हरकत की जितनी भी निंदा की जाए कम है |प्रतापगढ में आज पुलिस लाइन की मस्जिद मे नमाज़ नही पढ़ने दिया गया पुलिस फोर्स का कहना है एसपी साहब ने मना किया लेकिन एसपी साहब न फोन रिसीव किये न ही मौके पर आए !!

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