पाक मीडिया ने 2010 में दंतेवाड़ा नक्सली हमले का वीडियो कश्मीर में हाल की घटना के रूप में प्रसारित किया

पाकिस्तानी न्यूज चैनल 92 न्यूज HD ने एक दावा ब्रॉडकास्ट किया कि RSS, बजरंग दल, VHP और शिवसेना के गुंडे, भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में वेश धारण कर कश्मीरी महिलाओं का दुरूपयोग कर रहे है। तीन लाख ऐसे “हिंदू कट्टरपंथियों” को पीएम मोदी ने भेजा था, संदेश में लिखा गया है कि उनमें से 170 मारे गए और उनके शव मिले हैं। “फौजी वर्दी मे बजरंग दल और आर ऐस ऐस के भघवा गुन्‍डे जो कशमीर की बेटियो की ईज्‍जत लुटने गये थे आज मारे गये 170 भघवा गुन्‍डो की लासे मीली है । 3 लाख भघवा गुण्डो को नरेन्द्र मोदी ने कशमीर भेजा है जिसमे शिव सेना । बजरंग दल । आर ऐस ऐस । वी ऐच पी । के गुण्डे शामील है.”

 

फौजी वर्दी मे बजरंग दल और आर ऐस ऐस के भघवा गुन्‍डे जो कशमीर की बेटियो की ईज्‍जत लुटने गये थे आज मारे गये 170 भघवा गुन्‍डो की लासे मीली है । 3 लाख भघवा गुण्डो को नरेन्द्र मोदी ने कशमीर भेजा है जिसमे शिव सेना । बजरंग दल । आर ऐस ऐस । वी ऐच पी । के गुण्डे शामील है

Posted by Farhan Owaisi on Sunday, 25 August 2019

वीडियो में एंकर को कहते हुए सुना जा सकता है कि 170 कट्टरपंथी, जिन्होंने भारतीय सेना की वर्दी पहनी हुई थी उनके शवों को कश्मीर में पाया गया है। वह कश्मीरी महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अपहरण करने के लिए आये थे। आगे वह कहती है कि भारतीय सेना इन शवों को छुपाने में असफल रही।

30 सेकंड की क्लिप को फेसबुक पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया है। यह पाकिस्तानी सोशल मीडिया में व्यापक रूप से उर्दू संदेश के साथ प्रसारित है –“بھارتی فوجی ہندو جنونیوں کی لاشیں چھپانے میں ناکام، مقبوضہ کشمیر میں بھارتی فوجیوں کو پھر منہ کی کھانا پڑ گئی* *کشمیری خواتین کو اغواء کرکے لے جانے والے 170 ہندو جنونی جہنم واصل*”।

92 न्यूज HD के प्रसारण के पूरे वीडियो को आप यहां देख सकते हैं।

प्रसारण में कथित “हिंदू कट्टरपंथियों” के धुंधले दृश्यों को दिखाया गया है, जिसमें सेना के जवानों के कपड़े पहने हुए लोगों को ज़मीन पर मृत पड़ा हुआ देखा जा सकता है। हमने पाया कि यह समान दृश्य सोशल मीडिया में वायरल है। ऑल्ट न्यूज़ को अपने आधिकारिक मोबाइल ऐप पर भी इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए अनुरोध प्राप्त हुए हैं, जिसमें 92 न्यूज HD प्रसारण के दौरान चलाए गए वीडियो को साझा किया गया।

इस वीडियो को नीचे देखा जा सकता है।

2010 का दंतेवाड़ा हमले का वीडियो

ऑल्ट न्यूज़ ने एप्प पर प्राप्त हुए वीडियो को कई फ़्रेमों में तोड़ा और सर्च करने पर हमने पाया कि यूट्यूब पर एक उपयोगकर्ता ने इस वीडियो को 2016 में अपलोड किया था। इस तरह यह स्पष्ट हो जाता है कि 92 समाचार HD द्वारा प्रसारित वीडियो कश्मीर में हाल ही में हुई घटना से संबधित नहीं है।

वीडियो में दिख रहे स्थान की पुष्टि करने के लिए हमने “CRPF सैनिकों की हत्या”, कीवर्ड्स से सर्च किया, हमें इस घटना से संबधित कई समाचार लेख मिले – 2010 की द हिन्दू की रिपोर्ट और इंडिया टुडे द्वारा 2013 की रिपोर्ट।  न्यूज़ 18 हिंदी की 2010 की रिपोर्ट- नासूर बने नक्सली, 76 CRPF जवान की जान ली

वायरल वीडियो के दृश्यों और समाचार लेखों के विवरण की तुलना करने पर हमने पाया कि यह दोनों घटनाएं समान है।

  1. दोनों तस्वीरों में शवों के पीछे दिखाई दे रहा पेड़।
  2. दोनों तस्वीरों में दिख रही नील रंग चटाई, जिसमें  सैनिकों के शवों को रखा गया है।
  3. दीवार, जिसमें दोनों तस्वीरों में समान प्रकार के छेद दिखाई दे रहे है।
  4. कुछ शवों को चटाई के बाहर रखा गया है, जो दोनों तस्वीरों में दिख रही है।

इसके अलावा, हमें AP इमेज पर उसी स्थान का एक और फोटोग्राफ मिला।

एक और संकेत जो इस बात की पुष्टि करता है कि वीडियो का कश्मीर से कोई लेना-देना नहीं है, वो यह है कि “बस्ता ट्रांसपोर्ट यूनियन (बस्तर परिवहन संघ)” जो एक और चटाई पर अंकित है, यह पूरे वीडियो में लगभग 2 मिनट पर दिखाई देता है। बस्तर छत्तीसगढ़ का एक जिला है।

2010 के दंतेवाड़ा माओवादी हमले का एक वीडियो, जिसमें अर्धसैनिक बलों की हत्या की गई थी, एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल ने इस दावे से प्रसारित किया कि मारे गए लोग “हिंदू कट्टरपंथी” थे, जो भारतीय सेना के लोग थे और जिन्होंने कश्मीरी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया था। इस झूठे दावे को पहले भी एक अन्य पुराने वीडियो के साथ प्रसारित किया गया था।

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