
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सरकार से बच्चों और महिलाओं सहित उन लोगों का ब्यौरा मुहैया कराने के लिए कहा है जिन्हें पांच अगस्त के बाद से हिरासत में लिया गया है. उन्होंने राज्य के बाहर जेलों में बंद लोगों के बारे में भी जानकारी मांगी है. मुफ्ती ने तीन दिनों के अंदर ही सूचना मुहैया कराने का भी अनुरोध किया है.
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने और इसे दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटे जाने के बाद से हिरासत में बंद मुफ्ती ने अपनी बेटी इल्तिजा के मार्फत भेजे गए पत्र में यह जानकारी मांगी है. उनकी बेटी ने हाल में उनसे मुलाकात की थी. इल्तिजा ने केंद्रीय गृह सचिव और जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव को पत्र लिखकर सूचना मांगी. उन्होंने कहा कि उनकी मां ने सूचना मांगने का निर्देश दिया है.
इल्तिजा ने पत्र में कहा, ‘‘मेरी मां महबूबा मुफ्ती को पांच अगस्त की शाम से ही हिरासत में रखा गया है. मैं पिछले हफ्ते उनसे मिल सकी थी. मुलाकात में मेरी मां ने राष्ट्रपति द्वारा जारी संवैधानिक आदेशों और पुनर्गठन कानून पारित होने के बाद हुई गिरफ्तारियों और हिरासत में लोगों को रखे जाने पर चिंता जताई है.’’इस पत्र को महबूबा के ट्विटर हैंडल पर भी पोस्ट किया गया है.
बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हाल में ही जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म किया है. यह आर्टिकल राज्य को विशेष दर्जा देता था. मोदी सरकार ने सदन से राज्य पुनर्गठन बिल भी पारित करया जिसके बाद अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं.
आर्टिकल 370 पर लिए गए केंद्र सरकार के फैसले के बाद से ऐहतियात थे तौर पर सरकार ने वहां के स्थानीय नेताओं को हिरासत में लिया. कुछ नेताओं को उनके घर में नजरबंद रखा गया है.
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