
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ दायर एक याचिका पर यहां की एक अदालत 26 अगस्त को सुनवाई करेगी. इस याचिका में पहलू खान की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में राजस्थान की अदालत द्वारा दिए गए फैसले पर प्रियंका की टिप्पणी को अदालत की अवमानना और सांप्रदायिक घृणा बढ़ाने के मकसद वाला बताया गया है.
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्यकांत तिवारी की अदालत में यह याचिका एक स्थानीय वकील सुधीर कुमार ओझा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 504 और 506 के तहत मामला दायर किया है. ओझा ने प्रियंका के बयान को दंगा भड़काने वाला, शांति भंग करने वाला और आपराधिक धमकी वाला बताया.

अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तारीख तय की है. ओझा ने अपनी याचिका में कांग्रेस नेता की ट्वीट का हवाला देते हुए दावा किया कि यह अदालत की अवमानना थी और सांप्रदायिक घृणा फैलाने का षड्यंत्र था. हरियाणा के डेरी किसान पहलू खान की दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर संदिग्ध गौ रक्षकों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. इस मामले में 14 अगस्त को अलवर की एक अदालत ने छह लोगों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया.
अपने ट्वीट में प्रियंका ने अदालत के इस फैसले पर स्तब्धता जाहिर करते हुए कहा था कि वह पीड़ित परिवार और मृतक के लिए न्याय की उम्मीद करती हैं.
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