नागरिकता कानून पर बोले रैपर रफ्तार- किसी को भी जाने नहीं दूंगा, सामने गोली खाउंगा

नागरिकता कानून पर बोले रैपर रफ्तार- किसी को भी जाने नहीं दूंगा, सामने गोली खाउंगा

इस वक्त देश के कई राज्यों से CAA और NRC के विरोध में जमकर आवाज उठ रही हैं। लोग सड़क पर उतर आए है दंगे फैला रहे हैं। ऐसे में बॉलीवुड (Bollywood) के सुपर स्टार रैपर रफ्तार (Raftaar) ने भी इस एक्ट का विरोध किया।

उन्होंने लाइव शो (Live show) के दौरान अपने बॉडीगार्ड से मिलवाते हुए कहा कि इसका नाम अरशद है। ये मेरा ऐसा ख्याल रखता है कि मेरे को कोई धक्का भी नहीं मार सकता। अगर कोई इसे देश से निकालने की बात करेगा ना तो सामने गोली खाऊंगा।चाहे हिंदू, चाहे सिख, चाहे ईसाई है, चाहे मुस्लिम है, सब हमारे भाई हैं। किसी को भी बाहर नहीं जाने दूंगा। और इसके बाद जो भी मेरे करियर का होगा ना वो तुम खुद देख लेना। मेरे को कोई परवाह नहीं है।

https://platform.twitter.com/widgets.js

इतना तक तो ठीक था लेकिन इसी दौरान जोश जोश में उनके मुंह से गाली निकल गई।लेकिन फिर बाद में उन्होंने अपने उस अपशब्द पर लगाम लगा ली। रफ्तार ने ट्वीट करते हुए लिखा – इससे पहले लोग कुछ भी कहें और सोचें मैं स्टेज पर अपनी भाषा के लिए माफी मांगता हूं। गाली देने में और लड़की की इज्जत करने में फर्क है। गलत तब भी है। उसके लिए माफी।
आपको बता दें कि CAA और NRC को लेकर सड़कों पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी उतर आए हैं लेकिन उनमें से कई लोगों को ये तक नहीं पता कि ये लोग किस लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्र सरकार की तरफ से कई बार ये कहा गया कि दोनों में किसी तरह का संबंध नहीं है।

https://platform.twitter.com/widgets.js

केंद्र सरकार ने बताया कि सीएए एक अलग कानून है और एनआरसी अलग प्रक्रिया है। सीएए यानी नागरिकता संशोधन कानून के तहत भारतीय नागरिकता देने का रास्ता खोला गया है जो पाकिस्तान, बांगलादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले शोषित गैर- मुस्लिम लोगों को

https://platform.twitter.com/widgets.js

भारत की नागरिकता हासिल करने की राह आसान करता है। जिसमें किसी भी भारत के मुस्लिम, किसी भी धर्म और समुदाय की नागरिकता को कोई खतरा नहीं है।

 

This post appeared first on The Siasat.com https://hindi.siasat.com/ SOURCE POST LINK

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading