दिल्ली-लखनऊ के बीच तेजस एक्सप्रेस के लिए एयर होस्टेस की तर्ज पर ट्रेन होस्टेस

दिल्ली-लखनऊ के बीच तेजस एक्सप्रेस के लिए एयर होस्टेस की तर्ज पर ट्रेन होस्टेस

नई दिल्ली : ये नज़ारा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 9 का है जहां तेजस एक्सप्रेस लखनऊ रवाना होने के लिए तैयार खड़ी थी. काले-पीले रंग की बदन से चिपकती चुस्त पोशाक पहने खड़ी ये लड़कियां भारत की इस पहली प्राइवेट ट्रेन की होस्टेस हैं. हाल ही में शुरू हुई तेजस एक्सप्रेस का संचालन भारतीय रेल की ही निजी कंपनी आईआरसीटीसी के हाथ में हैं. आईआरसीटीसी ने तेजस को रेलवे से लीज़ पर लिया है और इसका कमर्शियल रन किया जा रहा है. आईआरसीटीसी अधिकारी इसे प्राइवेट के बजाए कॉर्पोरेट ट्रेन कहते हैं.

तेज़ रफ़्तार ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है तेजस एक्सप्रेस को दिल्ली और लखनऊ के बीच 511 किलोमीटर का सफ़र के लिए शुरू की गई सेवा है. यूं तो इस ट्रेन में कई ख़ास बातें हैं लेकिन इसकी सबसे ख़ास बात ये ट्रेन होस्टेस ही हैं. तेजस एक्सप्रेस में हर सीट के ऊपर एक कॉल बटन है जिसे दबाकर होस्टेस को बुलाया जा सकता है.

भारत में ये पहली बार है जब किसी रेल सेवा में हवाई सेवा की तरह होस्टेस तैनात की गई हैं. इसलिए यात्रियों में उनके प्रति जिज्ञासा देखी जा रही है. तेजस एक्सप्रेस में तैनात इन होस्टेस का काम यात्रियों के खाने-पीने और अन्य ज़रूरतों के अलावा सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना है. ट्रेन की व्यवस्था और पूरी टीम को संभालने की ज़िम्मेदारी उनकी ही है.

ये सभी आईआरसीटीसी की कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि एक अन्य प्राइवेट कंपनी के ज़रिए इनकी सेवाएं ली जा रही हैं. चार अक्तूबर को जब इस रेल सेवा का उद्घाटन किया गया तो ये मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा में रही. बदन से चिपकता कॉस्ट्यूम पहने यात्रियों पर फूल बरसाती ट्रेन होस्टेस की तस्वीरें जब प्रकाशित हुईं तो सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी पोशाक पर सवाल उठाए.

कई लोगों ने रेल मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करके ट्वीट किए और कहा कि होस्टेस को साड़ी पहनाई जाए. सवाल उठाने वालों का तर्क था कि भारतीय रेल में कार्यरत इन होस्टेस को पश्चिमी स्कर्ट पहनने के बजाए भारतीय संस्कृति की प्रतीक साड़ी पहनी चाहिए. तेजस एक्सप्रेस आईआरसीटीसी का एक प्रयोग है जो सफल हुआ तो अन्य रूट पर भी दोहराया जाएगा. इसी तर्ज पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच ट्रेन चलाए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है.

ये लड़कियां एक दिन में 18 घंटे काम करती हैं और फिर अगले दिन आराम करती हैं. अभी ये सभी छह महीने के प्रोबेशन पीरियड पर हैं जिसके बाद उन्हें कॉन्ट्रैक्ट दे दिया जाएगा.

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