
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावज़ूद ईरान ने बनाया विमान, रचा इतिहास
ईरान के परिवहन व शहरी विकास मंत्री का कहना है कि ईरान ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में काफ़ी हद तक आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है।
ईरान की एयरोनॉटिकल कॉलेज की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर मोहम्मद इस्लामी ने कहा, इस्लामी क्रांति की सफलता से पहले विदेशी सलाहकार ईरानी इंजीनियरों को विमान के पुर्ज़े तक छूने की अनुमति नहीं देते थे, लेकिन आज ईरानी इस क्षेत्र में काफ़ी हद तक आत्मनिर्भर हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि आज ईरान अपने युवाओं के प्रयासों की बदौलत वायु क्षेत्र में दुनिया के श्रेष्ठ 10 देशों में से एक है और वह तेज़ी से इस क्षेत्र में विकास कर रहा है।
इस्लामी का कहना था कि 15 साल पहले ही ईरान ने विमान बना लिया था और अब हमारा देश विमानों का निर्माण कर रहा है। निकट भविष्य में हवाई उद्योग में हमारी प्रगति को देखकर दुनिया चौंक जाएगी।
पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, उन्होंने कहा, अगर ईरान पर प्रतिबंध नहीं होते तो निश्चित तौर पर हम यहां तक नहीं पहुंचते, इसलिए कि आत्मनिर्भरता के लिए हमारे पास ज़रूररी प्रोत्साहन नहीं होता।
ग़ौरतलब है कि ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई भी हमेशा प्रतिबंधों को एक अवसर के रूप में देखते रहे हैं।
उनका कहना है कि अमरीका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाकर जहां ईरानी राष्ट्र के साथ अन्याय किया है, वहीं हमने इन प्रतिबंधों को अवसर में बदल दिया है और कई क्षेत्रों में हम आत्मनिर्भर हो गए हैं।
मध्यपूर्व के अन्य देशों के विपरीत ईरान विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति करने वाला देश है और वह लड़ाकू विमानों समेत अपनी ज़रूरत के अधिकांश हथियारों का निर्माण ख़ुद कर रहा है।
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