
संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार एजेंसी ने युद्ध अपराध के मामलों में तीन अमेरिकी सैनिकों की सजा माफी को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है।
जागरण डॉट कॉम के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सप्ताह दो सैन्य अधिकारियों को माफी दे दी थी, जबकि तीसरे के डिमोशन आदेश को पलट दिया था।
मीडिया में आई खबरों के अनुसार, लेफ्टिनेंट क्लाइंट लॉरेंस को 2013 में निहत्थे अफगान नागरिकों पर गोली चलाने का आदेश देने के मामले में 20 साल जेल की सजा मिली थी।
गत शुक्रवार को लॉरेंस की पूरी सजा माफ कर दी गई। मेजर मैथ्यू गोलस्टीन पर 2010 में एक निहत्थे अफगान नागरिक को मौत के घाट उतारने का आरोप है।
इस मामले में मैथ्यू पर अगले साल फरवरी में मुकदमा शुरू होने वाला था। जबकि सेना के एक अन्य अधिकारी एडवर्ड गैलघर पर इराक में एक बंधक की हत्या का आरोप था।
इस मामले में एडवर्ड को बरी कर दिया गया था, लेकिन उनका डिमोशन कर दिया गया था।
ट्रंप ने शुक्रवार को आदेश दिया कि उनकी रैंक को बहाल कर दिया जाए।
इन खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायोग के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने मंगलवार को जेनेवा में कहा, ‘इस तरह की माफी से पूरी दुनिया के सैन्य बलों के लिए गलत संदेश गया है। ये तीनों मामले अंतरराष्ट्रीय कानून के गंभीर उल्लंघन में शामिल हैं।’
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