
आयुष्मान खुराना हाल ही में एक इवेंट पहुंचे। यहां उनसे फिल्मों के अलावा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर बात की गई। इस दौरान अपनी राय रखते हुए आयुष्मान खुराना ने इस कानून को लेकर हो रही हिंसा पर कहा,’ये सरकार की भी जिम्मेदारी है कि वह जो भी बिल लेकर आए उसमें छात्रों और सरकार के बीच कम्यूनिकेशन गैप नहीं होना चाहिए।
अगर छात्रों को लगता है कि अल्पसंख्यक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं तो सरकार को इसके पीछे की वजह जाननी चाहिए। ये देखना बहुत जरूरी है।’
आयुष्मान ने आगे कहा कि, ‘मैं आर्टिकल 15 जैसी फिल्म करता हूं तो मेरा पक्ष लेना जरूरी होता है। हमें हमेशा से ये लगता है कि सरकार मुस्लिमों को खुश करती है या फिर उन्हें असुरक्षित महसूस करवाती। हमें बीच का रास्ता क्यों नहीं मिलता है? वो देखना चाहिए। मुझे लगता है कि भारत युवाओं का देश है। देश का भविष्य उनके हाथ में है। इन्हें हमें और सशक्त बनाने की जरूरत है। ये बात सिर्फ अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी के लिए नहीं है, क्योंकि छात्रों का कोई धर्म नहीं होता है। छात्र ना हिंदू हैं ना मुस्लिम,वह बस एक छात्र हैं।’
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