नई दिल्ली: झारखण्ड विधानसभा चुनावों के परिणाम भारतीय जनता पार्टी को काफी झटका देने वाले हैं जिससे पार्टी के हाथों से सत्ता खिसक गई है और काँग्रेस को जबरदस्त फायदा हुआ है।
बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तिहादुल मुस्लिमीन ने भी पहली बार झारखण्ड चुनाव में हिस्सा लिया था और ओवैसी की रैलियों में जिस प्रकार से जन सैलाब उमड़ कर सामने आया था उससे लग रहा था कि कुछ कामयाबी ज़रूर मिलेगी।

लेकिन चुनाव के परिणाम आने के बाद ओवैसी समर्थकों को निराशा हाथ लगी है और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार Aimim का वोट शेयर नोटा से भी कम है। एआईएमआईएम का वोट शेयर 1.16% है वहीं, NOTA का वोट शेयर 1.37% है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक Aimim को सिर्फ 172872 वोट मिले हैं जबकि NOTA के तहत 203706 वोट पड़ चुके हैं। यही हाल आम आदमी पार्टी का भी है। आप को भी नोटा से कम वोट पड़े हैं।
बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव- 2019 में अपनी पार्टी का खाता खोलने के लिए ओवैसी ने धुआंधार प्रचार किया था। लेकिन ओवैसी के उम्मीदवार जमानत भी नहीं बचा पाए।
गौरतलब है कि इस साल 30 नवंबर से झारखंड विधानसभा के चुनाव शुरू हो गए थे। नक्सल प्रभावित राज्य होने के चलते यहां 5 चरणों में चुनाव हुआ। आखिरी चरण के तहत 20 दिसंबर को वोट डाले गए। पांच चरणों में 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच हुए मतदान के बाद सभी सीटों के लिए ईवीएम में बंद मतों की गणना सोमवार को हुई।
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