
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले की आशंका और नियंत्रण रेखा पर तनातनी बढ़ने के बीच सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. राजधानी श्रीनगर में धारा 144 लागू है. वहीं, जम्मू में भी किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए सोमवार की सुबह 6 बजे से धारा 144 लगा दी गई है. दोनों स्थानों पर सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं. जम्मू विश्वविद्यालय में 5 अगस्त को होने वाली सभी परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं. विश्वविद्यालय ने इस बाबत जारी सूचना में कहा है कि परीक्षाओं की सूचना आने वाले दिनों में दी जाएगी. जम्मू के 8 जिलों में सीआरपीएफ की 40 कंपनियां तैनात की गई हैं. पुलिस ने कहा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐहतियाती कदम के तौर पर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं.
इधर, दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर आज (सोमवार) सुबह 9:30 बजे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक भी होनी है. ऐसी अटकलें हैं कि इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के हालातों, आर्टिकल 35ए हटाने और धारा 370 पर भी चर्चा हो सकती है. वहीं राज्य के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने प्रदेश के डीजीपी के साथ आपात बैठक भी की है. जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा बीच में ही समाप्त करने और तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों से यथाशीघ्र घाटी छोड़ने के लिए कहे जाने के बाद परेशान स्थानीय लोग घरों में जरूरी सामानों का स्टॉक करने के लिए दुकानों और ईंधन स्टेशनों पर बड़ी-बड़ी लाइनों में खड़े नजर आए. विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों ने भी विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने का निर्देश दिया है.
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source