जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बनाये गये उपराज्यपालों के बारे में?

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बनाये गये उपराज्यपालों के बारे में?

धारा 370 हटने के बाद लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दोनों केंद्र शासित प्रदेश 31 अक्टूबर से अस्तित्व में आ जाएंगे। इनके अलग-अलग केंद्रशासित राज्य बनने के बाद दोनों राज्यों में पहली बार उपराज्यपाल की तैनाती का फरमान शुक्रवार की देर शाम जारी हो गया। अभी तक बतौर राज्यपाल यहां का काम देख रहे सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल बनाया गया है।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यालय की सूचना के मुताबिक, गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू-कश्मीर का तो राधाकृष्ण माथुर को लद्दाख का पहला उपराज्यपाल (एलजी) बनाया गया है। आइए जानते हैं कौन हैं गिरीश मुर्मू और राधाकृष्ण माथुर।

गिरीश चंद्र मुर्मू
जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल बनने वाले गिरीश चंद्र मुर्मू 1985 बैच के गुजरात काडर के आईएएस अफसर हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के विश्वासपात्र हैं। तीनों का साथ काफी पुराना है।

गुजरात में मोदी के साथ कर चुके हैं काम
वह मोदी के साथ तबसे काम करते रहे हैं जब वह (मोदी) गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 2004 में वह मोदी की टीम से जुड़े। मुर्मू की काबिलियत को देखते हुए उन्हें दोहरी भूमिका दी गई थी वह मोदी के सेक्रटरी के साथ ही गृह विभाग के सेक्रटरी भी थे। वह राज्य के प्रिंसिपल सेंक्रेटरी भी रहे।

मोदी करते हैं पसंद
कहा जाता है कि पीएम मोदी और मुर्मू दोनों एक-दूसरे की कार्यशैली को पसंद करते हैं। 2014 में जब मोदी केंद्र में आए तो मुर्मू को भी दिल्ली में बड़ी जिम्मेदारी दी गई। 2015 में मुर्मू प्रवर्तन निदेशालय के डायरेक्टर नियुक्त किए गए। मूर्मू नवंबर में रिटायर होने जा रहे हैं।

राजनीतिक विज्ञान की की है पढ़ाई
21 नवंबर 1959 को जन्मे मुर्मू ने ओडिशा के उत्कल विश्ववविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर्स की पढ़ाई करने के साथ बमिर्ंघम यूनिवर्सिटी से एमबीए की भी डिग्री ली है। व्यय सचिव होने से पहले वह रेवेन्यू डिपार्टमेंट में स्पेशल सेक्रेटरी थे।

राधाकृष्ण माथुर
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पहले उपराज्यपाल राधाकृष्ण माथुर 1977 बैच के रिटायर्ड आईएएस अफसर हैं। त्रिपुरा काडर के राधाकृष्ण माथुर नवंबर 2018 तक देश के मुख्य सूचना आयुक्त रहे। इससे पूर्व 25 मई 2013 से दो साल तक वह रक्षा सचिव रहे। त्रिपुरा में तैनाती के दौरान वह राज्य के मुख्य सचिव भी रहे।

पहले भी मंत्रालय में कर चुके हैं काम
वह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में सचिव भी रह चुके हैं। खास बात है कि आईएएस बनने से पहले माथुर ने, आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और आईआईटी दिल्ली से इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग में मास्टर्स की पढ़ाई की है। उनके पास एमबीए की भी डिग्री है।

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