क्या तुर्की और अमेरिका आमने-सामने है, होगी लड़ाई?

क्या तुर्की और अमेरिका आमने-सामने है, होगी लड़ाई?

सीरिया को कई भागों में बांट देने के लिए इस देश के ख़िलाफ़ क्षेत्रीय देशों और अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों ने भयानक साज़िश रची थी जिस पर अमल 2011 से शुरू किया गया मगर वह साज़िश नाकाम हो गई तो आज हालत यह है कि साज़िशकर्ता ताक़तें आपस में भिड़ गई हैं।

क़तर के पूर्व प्रधान मंत्री व विदेश मंत्री शैख़ जासिम ने सही कहा था कि शिकारी आपस में कुत्तों की तरह लड़ पड़े और शिकार फिसल गया। उनका इशारा सऊदी अरब और क़तर की लड़ाई, अमरीका और तुर्की की लड़ाई की ओर था।

इस समय एक और लड़ाई शुरु होने जा रही है जो नई नहीं है। सीरिया में पूर्वी फ़ुरात के इलाक़े को कुर्द फ़ोर्सेज़ ने अपने नियंत्रण में ले रखा है। अमरीका कुर्द फ़ोर्सेज़ की दिल खोलकर मदद कर रहा है।

यह कुर्द सीरिया के लिए सिर्द दर्द होने के साथ ही तुर्की के लिए बहुत गंभीर ख़तरा हैं। तुर्की के भीतर कुर्द फ़ोर्सेज़ अलग देश के लिए बहुत पहले से लड़ रही हैं अतः सीरिया में कुर्दों के मज़बूत होने का सीधा मतलब यह है कि तुर्की के ख़िलाफ़ लड़ने वाले कुर्दों की ताक़त बढ़ जाएगी और उनकी लड़ाई में नई तेज़ी आ जाएगी। इसलिए सीरिया में कुर्द फ़ोर्सेज़ का मज़बूत होना तुर्की के लिए बेहद चिंता की बात है।

अर्दोग़ान ने धमकी दी है कि शनिवार या रविवार से वह सीरिया के पूर्वी फ़ुरात इलाक़े में कुर्द फ़ोर्सेज़ पर हमला शुरू देंगे। उन्होंने कहा कि हमले की योजना तैयार हो चुकी है। कुर्द फ़ोर्सेज़ ने कहा है कि तुर्की के हर हमले का जवाब देंगी साथ ही उन्होंने विश्व समुदाय से अपील की है कि उनकी मदद करे। विश्व समुदाय से अपील दरअस्ल अमरीका से अपील है।

तुर्की अमरीका का स्ट्रैटेजिक पार्टनर रहा है लेकिन सीरियाई कुर्दों के मामले में अमरीका ने जो रवैया अपनाया है उसे तुर्की विश्वास घात समझता है क्योंकि तुर्की सीरियाई कुर्द फ़ोर्सेज़ को आतंकी संगठन मानता है।

इसी रवैए के चलते तुर्की ने रूस की ओर क़दम बढ़ाए और एस-400 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम ख़रीदा और अब रूसी युद्धक विमान ख़रीदने की बात भी कर रहा है।

सवाल यह है कि यदि तुर्की ने सीरियाई कुर्द फ़ोर्सेज़ पर हमला कर दिया तो क्या अमरीकी सेना तुर्की के हमलों का जवाब देगी? यह सवाल इस लिए महत्वपूर्ण है कि अमरीकी सैनिक, कुर्दों के साथ संयुक्त गश्ती टीमों का हिस्सा बने हुए हैं और पूर्वी फ़ुरात के इलाक़े में गश्ती टीमों में कुर्द और अमरीकी सैनिक साथ दिखाई देते हैं।

तुर्क राष्ट्रपति आंतरिक रूप से भी भारी कठिनाई में हैं वह लगभग तीस लाख सीरियाई शरणार्थियों को इराक़ से मिलने वाली अपनी सीमा के इलाक़े में बसाने की कोशिश में हैं जिसके चलते देश के भीतर ही नहीं खुद उनके अपने दल जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के भीतर भी गहरे मतभेद पैदा हो गए हैं।

सीरिया की सरकार बहुत ख़ामोशी से हालात का जायज़ा ले रही है क्योंकि यदि लड़ाई होती है और इससे तुर्की, अमरीका या कुर्द फ़ोर्सेज़ को नुक़सान पहुंचता है तो यह दमिश्क़ सरकार के लिए बेहतर स्थिति होगी।

कुर्दों के लिए सीरियाई विदेश मंत्री वलीद अलमुअल्लिम ने बहुत उचित प्रस्ताव दिया था कि संघीय व्यवस्था के तहत कुर्दों को अधिकार दिए जाएंगे लेकिन कुर्दों को अमरीका ने कुछ और ही सपना दिखाया है और बार बार धोखा खाने के बाद एक बार फिर कुर्दों को लग रहा है कि अमरीका उनका सपना पूरा करवा देगा। उनका सपना अलग देश बनाने का है।

पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, सीरियाई सरकार इस समय बेहतर हालात में है। अलबूकमाल सीमा खुल जाने के बाद इराक़ और ईरान के बाज़ार तक उसे पहुंच हासिल हो गई है। सीरिया की नाकाबंदी टूट चुकी है।

सीरियाई सरकार उत्तरी इलाक़े इदलिब को वापस लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है इसलिए पूर्वी फ़ुरात के विषय को फ़िलहाल उसने टाल रखा है ताकि अधिक अनुकूल परिस्थितियों में इस इलाक़े को वापस लेने की कोशिश करे।

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