कश्मीर को लेकर अमेरिकी साँसदों ने जताई गहरी चिंता-अपने राजदूत से कही बड़ी बात

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद पूरी दुनिया में कश्मीरियों के हितों की रक्षा के लिए आवाज़ उठ रही है,धारा 370 और 35 ऐ हटाने के बाद से भारत पाक के रिश्तों में तनाव पाया जारहा है।

इसे लेकर अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में अमेरिकी राजदूतों से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने के लिए कोशिश करने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि भारत सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और इसे दो भाग (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांटने का फैसला किया था। भारत सरकार के इस फैसले का पाकिस्तान लगातार विरोध कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने शुक्रवार दोनों देशों के अमेरिकी दूतों को इसे लेकर एक पत्र लिखा है। यह पत्र अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य केनेथ जस्टर और पॉल डब्ल्यू जोन्स ने लिखा है। उन्होंने इस पत्र में कहा कि भारत और पाकिस्तान के संबंध में लगातार गिरवाट देखने को मिल रही है। इस संकट के परिणामस्वरूप दोनों देशों में और तनाव बढ़ सकता है। इससे वैश्विक शांति और अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

इस पत्र में कहा गया है कि अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया सहित क्षेत्र में हमारे हितों के लिए पाकिस्तान और भारत दोनों महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम स्थिति को सुधारने के लिए उनकी सरकार के साथ अपने संबंधों का लाभ उठाएं।

उन्होंने अमेरिकी राजदूतों से कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए वे जो कर सकते हैं वो करें। इस पत्र अन्य अमेरिकी सांसदों ने भी हस्ताक्षर किया है। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में कानूनविद इल्हान उमर, राउल एम. ग्रेजलवा, एंडी लेविन, जेम्स पी मैकगवर्न, टेड लिउ, डोनाल्ड बेयर और एलन लोवेनथाल शामिल हैं।

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