
हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के मर्डर के मामले में अब तक 5 लोगों को पकड़ा जा चुका है। यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महज 24 घंटे में मामले को सुलझाने का दावा किया है।
हालांकि कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम का कहना है कि उन्हें यूपी प्रशासन पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए। हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी ने कुछ महीनों पहले ही हिंदू समाज पार्टी के नाम से राजनीतिक दल का गठन किया था।
कमलेश तिवारी के बेटे ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच एनआईए करे। हम किसी पर भरोसा नहीं कर सकते। सिक्यॉरिटी गार्ड्स की मौजूदगी के बावजूद मेरे पिता की हत्या कर दी गई।
ऐसे में हम कैसे प्रशासन पर भरोसा कर सकते हैं।’ फिलहाल इस मामले की जांच यूपी एसआईटी कर रही है। कमलेश तिवारी की लखनऊ में उनके ही दफ्तर में शुक्रवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।
बता दें कि यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की तफ्तीश की पूरी जानकारी देते हुए कहा था कि आशंका है कि 2015 में कमलेश तिवारी के भाषण के चलते कट्टरपंथी तत्वों ने उनकी हत्या की है।
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