उन्नाव सड़क दुर्घटना : सीबीआई ने भाजपा विधायक के खिलाफ दर्ज किया हत्या का मामला

उन्नाव सड़क दुर्घटना : सीबीआई ने भाजपा विधायक के खिलाफ दर्ज किया हत्या का मामला

सीबीआई ने उन्नाव बलात्कार पीड़िता के सड़क दुर्घटना मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके 30 सहयोगियों पर कथित रूप से हत्या की साजिश रचने और युवती की हत्या का प्रयास करने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। बता दें कि पीड़िता ने विधायक पर बलात्कार का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि रायबरेली में तेज गति से जा रहे एक ट्रक ने रविवार को एक कार को टक्कर मार दी थी, जिसमें भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती, उसकी रिश्तेदार और वकील सवार थे। उत्तर प्रदेश पुलिस ने दुर्घटना मामले में सोमवार को सेंगर और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।

केंद्रीय जांच ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हत्या के लिए धारा 302, हत्या के प्रयास के लिए 307, आपराधिक साजिश के लिए 120 बी और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक धमकी के लिए 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार देर रात रायबरेली के गुरुबक्शगंज थाने में महिला के चाचा द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है।

मामले की जांच करने के लिए एजेंसी की तरफ से गठित विशेष टीम रायबरेली जिले के गुरबख्शगंज इलाके में हादसा स्थल पर पहुंची। एजेंसी के प्रवक्ता ने यहां बताया, ”मामले के त्वरित और सुचारू जांच के लिए सीबीआई ने एक टीम का गठन किया है। टीम ने अपराध स्थल, मारूति स्विफ्ट कार को टक्कर मारने वाले ट्रक का निरीक्षण किया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे पुलिस अधिकारियों से भी सीबीआई की टीम ने बातचीत की।

एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि टीम महिला की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत करेगी और उनसे पूछेगी कि रविवार को वे पीड़िता के साथ क्यों नहीं थे, जब दुर्घटना हुई। सीबीआई ने सामान्य प्रक्रिया के अनुसार फिर से प्राथमिकी दर्ज करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस से दुर्घटना मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। सबसे पहले पीड़िता के चाचा महेश सिंह की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सिंह रायबरेली जेल में बंद है। सिंह ने आरोप लगाया था कि बांगरमऊ से विधायक सेंगर के भाजपा से निलंबन के बाद से उसके रिश्तेदार पीड़िता के परिवार पर लगातार दबाव बना रहे थे। वे सेंगर के खिलाफ मामला वापस नहीं लेने की स्थिति में पीड़िता के पूरे परिवार की हत्या करने की कथित धमकियां दे रहे थे।

प्राथमिकी के अनुसार सिंह ने यह भी आरोप लगाया था कि पीड़िता के परिवार की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई दल ने राय बरेली में स्थानीय पुलिस थाने के अधिकारियों से भी मुलाकात की।

सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा, ”आरोप लगाया गया कि आरोपी व्यक्ति शिकायतकर्ता के परिवार के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं, उन्हें धमकी दे रहे हैं और उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। इसमें आरोप लगाया गया कि इस मामले में 28 जुलाई 2019 को हुई दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई। उन्नाव की पीड़िता और परिवार के वकील का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सेंगर के अलावा दुर्घटना मामले में जिन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है उनमें उसका भाई मनोज सिंह सेंगर, अरूण सिंह, विनोद मिश्रा, हरी पाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह, वकील अवधेश सिंह और 15 से 20 अज्ञात व्यक्ति हैं। केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश पर मंगलवार को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम रहने पर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है। सेंगर पर आरोप है कि उसने 19 वर्षीय युवती से 2017 में बलात्कार किया था। उस समय वह नाबालिग थी।

Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading