नई दिल्ली: 2019 का नॉबल शांति पुरुस्कार इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को दिया जाएगा,इन्हें ये अवार्ड इथियोपिया के पड़ोसी देश इरीट्रिया से पिछले 20 सालों से चले आ रहे विवाद को सुलझाने के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा।
अबी अहमद ने पिछले कुछ सालों में अपने पड़ोसी मुल्क इरीट्रिया से चल रहे विवाद को सुलझाने और दोनों देशों के रिश्तों में सुधार करने के लिए काफी काम किया है. अहमद ने दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता में मुख्य भूमिका निभाई है।
नोबेल प्राइज कमेटी ने अपनी वेबसाइट पर अहमद को मिले पुरस्कार के बारे में विस्तृत जानकारी दी है. वेबसाइट के अनुसार, नोबेल कमेटी ने 2019 का नोबेल पुरस्कार इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को देने की घोषणा की है।
यह पुरस्कार उनके द्वारा अपने पड़ोसी मुल्क के साथ लगातार शांति वार्ता करने और वैश्विक सहयोग की उनकी कोशिश के लिए दिया जा रहा है. सीमा विवाद को सुलझाने के उनके प्रयासों की भी सराहना की गई है. इस पुरस्कार को इथियोपिया में शांति वार्ता में लगे सभी स्टेकहॉल्डर्स को भी मान्यता देता है।

नोबेल कमेटी के अनुसार यह पुरस्कार प्रधानमंत्री अबी अहमद के शांति प्रयासों को मजबूती देंगे. इथियोपिया अफ्रीका का दूसरा सबसे बड़ा अबादी वाला देश है और पूर्वी अफ्रीका की सबसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश भी है. इथियोपिया में शांति रहने से इस क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव होंगे जो आसपास के देशों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।
बता दें कि हर साल शांति और विश्व बंधुत्व के क्षेत्र में काम करने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाता है. 2018 के लिए नादिया मुराद और डेनिस मुकवेजे को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था. डेनिस मुकवेगे कांगो के महिला रोग विशेषज्ञ और यज़ीदी महिला अधिकार कार्यकर्ता नादिया मुराद को दिया गया था।
2014 का शांति पुरस्कार पाकिस्तान की मलाला युसुफजई और भारत के बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान चला रहे भारत के कैलाश सत्यार्थी को मिला था।
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