इजराइल को अकेले शिकस्त दे सकता है यह मुस्लिम देश!

इजराइल को अकेले शिकस्त दे सकता है यह मुस्लिम देश!

इस्लामी गणतंत्र ईरान के पवित्र नगर मशहद के इमाम जुमा आयतुल्लाह सैयद अहमद अलमुल हुदा ने कहा कि आज ईरान केवल अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं है बल्कि इराक़ की स्वयंसेवी फ़ोर्स हश्दुश्शअबी, यमन का अंसारुल्लाह आंदोलन, सीरिया की फ़ोर्सेज़, फ़िलिस्तीनी संगठन हमास और जेहादे इस्लामी इसी तरह लेबनान का हिज़्बुल्लाह आंदोलन सब ईरान हैं।

पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, मशहद के इमाम जुमा ने नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में हिज़्बुल्लाह लेबनान के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सैयद हसन नसरुल्लाह ने घोषणा कर दी है कि इलाक़े में प्रतिरोध मोर्चे के पास एक इमाम है और वह इमाम इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई हैं।

आयतुल्लाह अलमुल हुदा ने कहा कि आरामको पर दस ड्रोन विमानों से हमला करके यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन ने सऊदी अरब का तेल उत्पादन 50 प्रतिशत तक कम कर दिया और अम मूर्ख अमरीका कहता है कि यह हमला ईरान ने किया है।

उन्होंने अमरीकियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप ईरान पर आरोप लगा रहे हैं? आज ईरान इलाक़े में शक्तिशाली प्रतिरोधक मोर्चे का केन्द्र है यदि आपने ईरान पर हमला करने की कोशिश की तो आधे दिन के भीतर इस्राईल मिट चुका होगा और वहां केवल मिट्टी का ढेर नज़र आएगा।

जो दुशमन यह कह रहा है कि यह ड्रोन ईरान के थे हम उसे बता देना चाहते हैं कि तुम्हारे दक्षिण में भी ईरान है, तुम्हारे उत्तर में भी ईरान है, आज इस पूरे इलाक़े में जहां भी कोई जागरुक मुसलमान और संघर्षकर्ता आंदोलन है वहां ईरान मौजूद है, तुम क्या समझते हो कि लेबनान का हिज़्बुल्लाह आंदोलन ईरान नहीं है? वहां भी ईरान मौजूद है।

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