
भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे. लिंडनेर ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी जिसके बाद उनके इस्तीफे की मांग के लिए एक ऑनलाइन याचिका शुरू की गई है।
याचिका दक्षिण एशियाई मामलों के विश्लेषक पीटर फ्रेडरिक द्वारा शुरू की गई है, जो भारत में मानवाधिकारों, राष्ट्रवाद के प्रसार, राजनीतिक विचारधाराओं और धार्मिक अतिवाद के बढ़ते राजनीतिकरण के बारे में अक्सर अन्य मुद्दों पर बात करते हैं।
बता दें की जर्मन के राजदूत वाल्टर जे अपनी यात्रा की तस्वीरें भी ट्विटर पर साझा भी किया था । उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “नागपुर में आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया और इसके सरसंघचालक (प्रमुख) डॉ मोहन भागवत से लंबी मुलाकत की।”
लिंडनेर ने आरएसएस के बारे में भी बताया। आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई। ‘दुनिया का सबसे बड़ा स्वैच्छिक संगठन है, लेकिन इसका इतिहास विवादों से परे नहीं है।’
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