
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब भी जारी है। अमेरिका ने ईरान को एक और झटका देते हुए बुधवार को एक जहाज नेटवर्क पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका का कहना है कि इस जहाज नेटवर्क ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को फायदा पहुंचाने के लिये लाखों बैरल तेल बेचा। इस नेटवर्क का संचालन ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड कर रहा था।
ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका उस पर से दबाव कम नहीं करता है तो वह परमाणु समझौते के तहत की गई अपनी प्रतिबद्धताओं में और कटौती कर सकता है। ईरान की चेतावनी के कुछ ही समय बाद अमेरिका ने 16 कंपनियों, 10 लोगों और 11 जहाजों पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया।
अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने कहा कि विदेशी अभियानों के लिये जिम्मेदार रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की एक ईकाई ‘कुद्स फोर्स’ ने कच्चे तेल के माध्यम से असद और उनके लेबनानी सहयोगी हिजबुल्ला का समर्थन किया।
जिन संस्थाओं को नए प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है, उनमें अमेरिका के सहयोगी भारत में स्थित मेहदी समूह और इसके निदेशक अली जहीर मेहदी शामिल हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा है कि उन्होंने ईरानी तेल के लिए जहाजों का प्रबंधन किया था।
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