
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद से हालात शांतिपूर्ण हैं तथा एक भी गोली नहीं चली है। साथ ही किसी की भी मौत नहीं हुई है।
अमित शाह ने अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हम अपने क्षेत्र में एक इंच भी घुसपैठ बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम इससे मजबूती से निपटेंगे। हम अपने जवानों के खून की एक भी बूंद बेकार नहीं जाने देंगे। समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा नीति नहीं अपनाने को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि देश की विदेश नीति सामरिक नीति पर भारी थी।
शाह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमले के बाद से दुनिया का नजरिया बदला है और भारत की ताकत को वैश्विक स्तर पर पहचाना गया है। सेना ने 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उरी में एक ब्रिगेड मुख्यालय पर आतंकियों के हमले के बाद सेना ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया था।
वहीं पुलवामा में आतंकियों द्वारा सीआरपीएफ की एक बस को विस्फोट में उड़ाने के बाद बालाकोट में एक आतंकी ठिकाने पर वायुसेना ने इस साल 26 फरवरी को हवाई हमला किया। मोदी सरकार के निर्णायक फैसलों के संदर्भ में शाह ने कहा कि एयर स्ट्राइक की बात होती है तो सभी गर्व का अनुभव करते हैं लेकिन यह आसान फैसला नहीं था। क्योंकि ऐसे साहसिक निर्णय लेने से पहले कई चीजों पर विचार करना होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सवाल थे, क्या युद्ध छिड़ेगा। युद्ध हुआ तो क्या होगा। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक ने दुनिया में भारत के बारे में धारणा को बदल दिया।
जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को समाप्त किये जाने के फैसले का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यह फैसला अखंड भारत की ओर महत्वपूर्ण कदम था। गृहमंत्री ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले हर जगह अव्यवस्था थी। सीमा पर कोई सुरक्षा नहीं थी। लोगों को बहुदलीय लोकतांत्रिक प्रणाली पर विश्वास नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर आपको याद हो तो 2013 में हर जगह गहरी निराशा का माहौल था। हर मंत्री खुद को प्रधानमंत्री समझने लगा था, वहीं प्रधानमंत्री को कोई प्रधानमंत्री नहीं समझता था।
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