
हैदराबाद : हैदराबाद के एक कंपनी समूह के परिसरों पर छापे के बाद नए सबूत हाथ लगे हैं। सीबीडीटी ने बुधवार को कहा कि आयकर विभाग ने वीवीआईपी चॉपर्स घोटाला मामले में नए सबूतों का खुलासा किया है, जिसके आधार पर हैदराबाद स्थित एक समूह ने दुबई के आरोपी राजीव सक्सेना के साथ डील की थी। इसने एक बयान में कहा कि 24 जुलाई को कर चोरी करने वालों की तलाश की गई, जो एक व्यवसायिक समूह का समूह है जो भूकंपीय डेटा विश्लेषण और चार अघोषित विदेशी बैंक खातों, टैक्स हैवन्स पर आधारित तीन गैर-रिपोर्टेड कंपनियों और 45 लाख रुपये और आभूषणों की अस्पष्टीकृत नकदी की खोज में लगा है। 3.1 करोड़ रुपये बरामद किए गए।
हालांकि बयान में कंपनी या उसके प्रवर्तक के बारे में जानकारी नहीं दी गयी है लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि हैदराबाद की इस कंपनी का नाम अल्फा जियो है तथा इसके प्रवर्तक, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक दिनेश आला नाम के व्यक्ति हैं। कंपनी ने इस बारे में भेजे गये ई-मेल और फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। सीबीडीटी का कहना है कि यह समूह दुबई के एक आपरेटर के जरिये बड़े स्तर पर आयात बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने और उसके आधार पर लाभ उठाने के काम में लगी थी। यह आपरेटर अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकाप्टर घोटाला मामले में आरोपी है।
सूत्रों ने इस आपरेटर की पहचान राजीव सक्सेना के रूप में की है। उसे 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकाप्टर घोटाला मामले में इस साल की शुरूआत में प्रर्त्यिपत कर दुबई से भारत लाया गया। प्रत्यर्पण के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने सक्सेना को गिरफ्तार कर लिया और वह अब न्यायिक हिरासत में है। सीबीडीटी ने कहा कि हैदराबाद की कंपनी ने बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर पैसा कमाया। उसने कथित तौर पर 60 लाख डालर से अधिक के बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और इन पैसों को दुबई स्थित सक्सेना के खातों में रखा गया।
बयान के अनुसार, ‘‘तलाशी के दौरान ई-मेल और मोबाइल पर बातचीत के संदिग्ध साक्ष्य मिले।’’ इसमें कहा गया है कि पूछताछ के दौरान लोगों ने बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की बात स्वीकार की। छापे में स्विट्जरलैड के यूबीएस बैंक, सिंगापुर के ओसीबीसी बैंक, अमेरिका में सिटिजन बैंक तथा सेंट किट्स (कैरेबियाई द्वीप) में बैंक आफ नेविस में अघोषित खातों का पता चला। इसके अलावा प्रवर्तक की तीन अघोषित कंपनियों के बारे में भी जानकारी मिली। ये कंपनियां ब्रिटिश र्विजन आईलैंड, आईलैंड आफ नेविस और सिंगापुर में पंजीकृत हैं।
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