
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में कश्मीर और फ़िलिस्तीन के मुद्दों पर मज़बूती से आवाज़ उठाई।
पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, अर्दोगान ने महासभा के अधिवेशन को संबोधित करते हुए फ़िलिस्तीन का नक्शा अपने हाथ में उठाया जिसके एक बड़े भाग पर इस्राईल ने क़ब्ज़ा कर रखा है।
अर्दोग़ान ने महासभव के 74वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए फ़िलिस्तीन और कश्मीर के अलावा सीरिया संकट, ईरान और अमरीका के बीच तनाव, सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी हत्या कांड तथा पश्चिम में बढ़ती नस्लपरस्ती जैसे मुद्दों को उठाया।
अर्दोग़ान ने मंगलवार को अपने इस भाषण में कहा कि कश्मीर समस्या का हल भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता से होना चाहिए। उन्होंने कश्मीर विवाद पर ध्यान न देने के चलते विश्व समुदाय की निंदा करते हुए कहा कि यह विवाद 72 साल से चला आ रहा है।
अर्दोगान ने कहा कि दक्षिणी एशिया के शांति और समृद्धि को कश्मीर मुद्दे से अलग नहीं किया जा सकता। तुर्क राष्ट्रपति ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा न्याय और बराबरी के आधार पर हल किया जाना चाहिए टकराव से नहीं।
अर्दोग़ान ने कहा कि कश्मीर के बारे में प्रस्ताव भी पारित हो चुके हैं लेकिन फिर भी कश्मीर में 80 लाख लोग फंसे हुए हैं।
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