SIO Press Release about "Shiksha Ka Haq” Campaign

In English language :

RTE campaign titled as ‘Shiksha ka Hak Abhiyan’ was organised by SIO Maharashtra North Zone

(SIO Press Release) The Right of Children to Free and Compulsory Education Act or Right to Education Act (RTE) is an Act of the Parliament of India enacted on 4 August 2009, which describes the modalities of the importance of free and compulsory education for children between the age of 6 to 14 years in India under Article 21A of the Indian Constitution.

The RTE campaign titled as ‘Shiksha ka Hak Abhiyan’ was organised by SIO Maharashtra North Zone from 7th to 17th March 2021. With this campaign we managed to get more than 28.5k social media engagement and 14000+ people were approached through this campaign.
The campaign included activities such as door to door meets (1735+), pamphlet distribution (10000+), corner meets (72+) and banners and hordings (32+).
More than 246 people were registered and 10+ article related to RTE act were introduced to aware the peoples.

Campaign’s moto was to aware the people,enactment of the act,to help needy people and to critically analyze Issues and challenges at ground level.

The impact of campaign at ground level was very good.
SIO cader was working for it hardly and struggling for well educated society and for bright future.

मराठी भाषेत :
एसईओ महाराष्ट्र उत्तर विभागातर्फे ‘शिक्षा का हक अभियान’ या नावाने आरटीई अभियान आयोजित करण्यात आले होते

(प्रेस रिलिज) मुलांचा मोफत व सक्तीच्या शिक्षणाचा हक्क कायदा किंवा शिक्षण हक्क कायदा (आरटीई) हा 4 ऑगस्ट 2009 रोजी लागू करण्यात आलेल्या जे भारतीय संसदेचा एक अधिनियम आहे, भारतीय राज्यघटनेच्या अनुच्छेद 21 ए अंतर्गत भारतात 6 ते 14 वयाच्या मुलांसाठी विनामूल्य आणि सक्तीच्या शिक्षणाच्या महत्त्वांचे वर्णन केले गेले आहे.

‘शिक्षण का हक अभियान’ या नावाने आरटीई अभियान 7 ते 17 मार्च 2021 या कालावधीत एसआयओ महाराष्ट्र उत्तर विभागाने आयोजित केले होते. या मोहिमेद्वारे 28500 पेक्षा जास्त लोकांसमोर आरटीइ चा सोशल मीडियामध्ये परिचय केला गेला आणि 14 हजार लोकांना या मोहिमेद्वारे संपर्क साधण्यात आला.
या मोहिमेमध्ये डोर टू डोर मीट्स (1735+) , पत्रिका वितरण (10000+), कॉर्नर मीट्स (72+) आणि बॅनर व होर्डिंग्ज (32+) यासारख्या क्रिया समाविष्ट आहेत.
मोहिमेद्वारे 246 हून अधिक लोकांची नोंद झाली आणि लोकांना माहिती देण्यासाठी आरटीई कायद्याशी संबंधित 10+ लेख सादर केले गेले.

लोकांना जागरूक करणे, कायद्याची अंमलबजावणी करणे, गरजू लोकांना मदत करणे आणि जमीनी पातळीवरील समस्यांचे आणि आव्हानांचे समीक्षात्मक विश्लेषण करणे ही मोहिमेचा हेतू होता.

ग्राउंड स्तरावर प्रचाराचा परिणाम खूप चांगला झाला.
एसआयओ सदस्य या मोहिमा साठी कार्यरत होते आणि सुशिक्षित समाजासाठी आणि उज्ज्वल भविष्यासाठी संघर्ष करीत आहेत.

हिंदी भाषा में :
एस.आई.ओ महाराष्ट्र उत्तर क्षेत्र द्वारा ‘शिक्षा का हक अभियान’ का आयोजन किया गया

(प्रेस रिलीज) बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम या शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) भारत की संसद का एक अधिनियम है जो 4 अगस्त 2009 को लागू किया गया था जिसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 ए के तहत भारत में 6 से 14 साल की उम्र वाले बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के महत्व और तौर तरीकों का वर्णन किया गया है।

7 से 17 मार्च 2021 तक SIO महाराष्ट्र नॉर्थ ज़ोन द्वारा ‘शिक्षा का हक अभियान’ के नाम से आरटीई अभियान का आयोजन किया गया था। इस अभियान के साथ 28500 से अधिक सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता और अभियान के माध्यम से 14000 से अधिक लोगों से संपर्क किया गया।
अभियान में डोर टू डोर मीटिंग (1735+), पैम्फ़लेट वितरण (10000+), कॉर्नर मीट (72+) और बैनर और होर्डिंग (32+) जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं।
246 से अधिक लोगों को आरटीई के अंतर्गत रजिस्टर किया गया और आरटीई अधिनियम से संबंधित लोगों को जागरूक करने के लिए 10+ लेख पेश किए गए।

अभियान का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, अधिनियम को लागू करना, जरूरतमंद लोगों की मदद करना और जमीनी स्तर पर गंभीर रूप से मुद्दों और चुनौतियों का विश्लेषण करना था।

जमीनी स्तर पर अभियान का प्रभाव बहुत अच्छा था।
SIO के कार्यकर्ताओं ने इसके लिए बहुत संघर्ष किया और शिक्षित समाज और उज्ज्वल भविष्य के लिए संघर्ष निरंतर जारी है।

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