निज़ाम साजिद: अकोला-मौजूदा हुकूमत मुस्लिम समाज को टारगेट करते हुए अलग-अलग प्रकार के कानून बना रही है जिसमें हाल ही में नागरिक संशोधन बिल पेश किया गया जिसको लोकसभा, राज्यसभा में पास कर दिया गया इस बिल के विरोध में जमीअत उलमा ई हिंद ने एक ही दिन पूरे भारत भर में आंदोलन रखा जिस पर महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हाफ़िज़ नदीम सिद्दीकी,सचिव मुफ़्ती रोशन और अकोला जिला अध्यक्ष मौलवी वसी उल्लाह के आदेश पर अकोला जमीअत उलामा ए हिंद ने मौलवी सोहेल और आसिफ अहमद खान के नेतृत्व में धरना आंदोलन हुआ जिसमें सैकड़ों नागरिकों ने हिस्सा लिया वह कहीं सामाजिक राजकीय सन घटनाओं ने अपना समर्थन दिया अकोला जमीअत उलामा ए हिंद ने अपना विरोध दर्शाते हुए अकोला जिला अधिकारी के मार्फत देश के महामहिम राष्ट्रपति को निवेदन सौंपा निवेदन में बताया गया है कि नागरिक संशोधन बिल देश के संविधान के खिलाफ है इस बिल में सिर्फ एक समाज के नागरिकों को टारगेट किया जा रहा है इस बिल का विरोध जमीअत उलमा हिंद भारत भर में लोकशाही आंदोलन करके दर्शाता है।

हमारे देश का चित्र हमारे स्वतंत्रता आंदोलन राष्ट्र के निर्माताओं के विचारों और हमारे संविधान में निहित उसूलोंं से निकला है वह एक ऐसे देश का है जो सभी धर्मो के लोगों के साथ समान व्यवहार करने पर वचनबद्ध है संबंधित बिल में नागरिकता के लिए एक मानदंड केेे रूप में धर्म का उपयोग देश के इस इतिहास में विराम को चिन्हित करेगा जोकि कट्टरपंथ पर आधारित है ।
निवेदन मेंं आगे बताया गया है कि यह बिल असम समझौते 1985 का भी उल्लंघन करता है जो आसाम में अवैध रूप से आप बसने वाले विदेशियों का पता लगाने के लिए कट ऑफ तारीख केेे रूप में 25 मार्च 1971 तय करता है इस प्रकार मनमाने ढंग से इस समझौते की उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में शांतिपुर माहौल में खलल पड़ रहा है। निवेदन में राष्ट्रपति से मांंग की गई है कि वह इस बिल पर हस्ताक्षर कर कानून ना बनाएं अन्यथा जमीअत उलमा ए हिंद मुस्लिम समाज की ओर से नागरिक संशोधन बिल का विरोध कर इन मुखालिफ बिलो का बाईकाट करती है इस आंदोलन मे मौलाना नदीम,मौलाना तुफैल नदवी ने अपने विचार रखे इस जमीयत के पदाधिकारियों ने पोलिस प्रशासन और मीडिया का भि शुक्रिया अदा कीया.मौलाना शफक्कत ने देश मे भाईचारा,अमन शांति के लिए दुआ की गई.
निवेद्न सौंपने वालो मे मौलाना सोहेल नदिम मौलाना कारी मसुद अहमद खान,कारी सगीर सय्यद अशरफ मौलाना अहमद अकबर मौलाना मौजुद थे धरणे आंदोलन को कमियब बनाने के लीये अब्दुल कय्युम ए के,इसरार शाह,उबेदुर्र्हमान,शोएब खान,शेख शम्सु,नवाब भाइ,आदी मान्यवर पदधिकारी व कार्यक्रर्ता बहुल संख्या मे मौजुद थे.