
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शनिवार को कहा कि राज्य की विधानसभा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर सकती है, जैसा कि हाल में कुछ अन्य राज्यों ने किया है।
जागरण डॉट कॉम के अनुसार, राव ने कहा कि वह पहले ही कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस सिलसिले में बात कर चुके हैं।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि सीएए का विरोध करने के लिए वे क्षेत्रीय पार्टियों और मुख्यमंत्रियों का एक सम्मेलन भी बुला सकते हैं, क्योंकि यह देश के भविष्य से जुड़ा हुआ मामला है। यह भारत के लिए अच्छा नहीं है, जहां 130 करोड़ लोग रहते हैं।
राव ने बताया कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) अपनी नीति और प्रकृति में पंथनिरपेक्ष है और इसने सीएए का विरोध किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले माह टीआरएस ने संसद में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मतदान किया था। केरल और पंजाब के अलावा राजस्थान विधानसभा सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर चुकी है।
केरल पहला राज्य है जिसने सीएए का विरोध करते हुए विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया है। केरल की एलडीएफ सरकार ने विगत 13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सीएए को चुनौती देते हुए इसे संविधान का उल्लंघन करार देने की अपील की थी।
केरल सरकार ने पिछले सोमवार को कैबिनेट की एक विशेष बैठक बुलाई और जनगणना रजिस्ट्रार जनरल को यह सुचित करने का फैसला किया कि केरल राज्य जनगणना अभियान के दौरान नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर यानी NPR को लागू नहीं करेगा।
केरल सरकार के इस फैसले से केंद्र-राज्य के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।
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