
कोलकाता : भाजपा नेता इशरत जहां को एक हिंदू धार्मिक समारोह में शामिल होने और हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए हावड़ा में उनके मकान मालिक ने घर से निकाल दिया। कल, उसके घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, उसने उससे पूछा कि वह हिजाब पहनकर हनुमान चालीसा कार्यक्रम में क्यों शामिल हुई। ट्रिपल तालक के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद सुर्खियों में आए इशरत अपने बेटे को स्कूल से वापस लेने के बाद घर लौट रहे थे, जब अल्पसंख्यक समुदाय के 100 से अधिक स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया। भीड़ ने जहान पर हनुमान चालीसा का पाठ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपने धर्म के खिलाफ काम किया है।
इशरत ने जान से मारने की धमकी मिलने की बात कहते हुए सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे के साथ अकेले रहती हैं और उनके साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है। इशरत ने बताया कि वह हावड़ा में किराये के मकान में रहती हैं लेकिन एक हिंदू धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से उनके मकान मालिक ने उन्हें घर खाली करने को कहा है नहीं तो उन्हें जबरन निकाल दिया जाएगा। उसने कहा ‘मुझे नहीं लगता कि मैंने धार्मिक आयोजन में शामिल होकर कुछ गलत किया है। मैं कुछ गलत करने के लिए नहीं गई थी, वहां मंदिर में लोग पाठ कर रहे थे मैं उसमें शामिल होने गई थी।’
बता दें कि तीन तलाक मामले की याचिकाकर्ता भी हैं इशरत जहां। उन्होने सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ याचिका दायर की थी। तभी से वह कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। इशरत पिछले साल ही बीजेपी में शामिल हुई थीं।
‘जान से मारने की मिल रही हैं धमकियां’
इशरत ने बताया, ‘उनके घर के बाहर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और पूछने लगे कि मैं हिजाब पहनकर हनुमान चालीसा पाठ में शामिल होने क्यों गई थी?’ इशरत ने बताया कि उनके हनुमान चालीसा पाठ में शामिल होने पर लोगों ने आपत्ति जताई।
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