
नई दिल्ली: “जल जनित रोग जैसे डेगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया की रोकथाम के लिए समाज के जन-जन तक संदेश फैलाकर जागरूकता लाने में विद्यार्थी एक सामजिक दूत की भूमिका निभा सकते है। विद्यार्थी अपने निकटजनों और प्रियजनों ही नहीं अपितु जनसाधारण तक आसपास के वातावरण को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए अपनी बात समझाने में सक्षम है।”
यह बात आज नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् की सचिव श्रीमती रश्मि सिंह ने विद्याथियों, अध्यापकों और प्रधानाचार्यों से जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए आयोजित एक सवांद कार्यक्रम का उद्घाटन करने के उपरान्त कही ।
यह सवांद कार्यक्रम आज पालिका परिषद् द्वारा एनडीएमसी कन्वेशन सेन्टर में आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में नई दिल्ली क्षेत्र के 75 सरकारी और प्राईवेट विद्यालयों के 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया । नई दिल्ली क्षेत्र के प्राईवेट विद्यालयों जैसे सरदार पटेल विद्यालय, माऊंट कार्मेल विद्यालय, लेडी ईर्विन विद्यालय, सेंट कोलम्बस और कान्वेंट आॅफ जीसस् एण्ड मैरी विद्यालय के विद्यार्थियों, अध्यापकों व प्रधानाचार्यों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया ।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्रीमती रश्मि सिंह ने कहा कि यदि प्रथमदृष्टया ही इन रोगों की रोकथाम की सावधानियों को बरता जाये तो इन रोगों के इलाज के लिए किसी भी प्रकार की दवाईयों से ही दूर रहा जा सकता है । उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के जलजनित रोगों की समस्या को अकेले नगरपालिका परिषद् या कोई अन्य नगर-निकाय हल नहीं कर सकता है, जब तक की समाज के प्रत्येक वर्ग की इस भयानक रोग से लडने के लिए एकजुट सहभागीदारी नहीं हो ।
इस सवांद कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यू एच ओ) के विशेषज्ञ डा. बी.एन नागपाल और पालिका परिषद् के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी-डा. रमेश कुमार, वरिष्ठ मुख्य चिकित्सा अधिकारी-डा.आर.एन.सिंह और स्वास्थ्य सलाहाकार-डा.पी.के.शर्मा ने जलजनित रोगों के कारणों और निवारणों के संबंध में भागीदारों से विचार-विनिमय किया ।
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