संविधान वैचारिक स्वतंत्रता के लिये प्रतिबद्ध है लेकिन बीजेपी और RSS के संकट है- सीताराम येचुरी

संविधान वैचारिक स्वतंत्रता के लिये प्रतिबद्ध है लेकिन बीजेपी और RSS के संकट है- सीताराम येचुरी

येचुरी ने देश में विपरीत विचारधारा वाले लोगों के लिये बार बार खतरे उत्पन्न किये जाने का हवाला देते हुये मंगलवार को कहा, ‘‘आरएसएस भाजपा की सरकार विचारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और विश्वविद्यालयों पर हमले कराने में यकीन करती है

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मोदी सरकार पर विचारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और शिक्षण संस्थाओं पर हमलों में यकीन करने का आरोप लगाते हुये कहा है कि ऐसे माहौल को बढ़ावा दिया जा रहा है जो आलोचनात्मक विचारों को नष्ट करता हो।

येचुरी ने देश में विपरीत विचारधारा वाले लोगों के लिये बार बार खतरे उत्पन्न किये जाने का हवाला देते हुये मंगलवार को कहा, ‘‘आरएसएस भाजपा की सरकार विचारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और विश्वविद्यालयों पर हमले कराने में यकीन करती है।

हरिभूमी पर छपी खबर के अनुसार, उन्होंने कहा इस सरकार ने ऐसा वातावरण तैयार किया है जिसमें विरोधी विचारों को नष्ट किया जा रहा है। हमारा संविधान वैचारिक स्वतंत्रता के लिये प्रतिबद्ध है लेकिन यह बात भाजपा आरएसएस की सरकार के लिये संकट उत्पन्न करती है।’’

जेएनयू के पूर्व छात्र अभिजीत बनर्जी को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिये जानेऔर आर्थिक मंदी से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये येचुरी ने कहा कि सरकार को गरीबों के भरण पोषण के लिये सार्वजनिक वितरण प्रणाली को दुरुस्त बनाने पर प्राथमिकता के साथ ध्यान केन्द्रित करना चाहिये।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले अपने नागरिकों का भरण पोषण सुनिश्चित हो। सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाले खाद्यान्न पर सब्सिडी बढ़ाई जाये। लेकिन मोदी सरकार हमारे सामाजिक तानेबाने को नष्ट करने और प्रचार के तमाशे में व्यस्त है।’’

येचुरी ने ट्वीट कर कहा कि देश में भुखमरी की समस्या गहरा गयी है। अर्थव्यवस्था न सिर्फ आंकड़ों के आधार पर संकट में है बल्कि लोगों की गुजर बसर भी प्रभावित हुयी है, लेकिन मोदी सरकार को इससे कोई सरोकार नहीं है।

Syndicated Feed from Siasat hindi – hindi.siasat.com Original Link- Source

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading