
भंडारा एवं हनुमान चालीसा के पाठ पर रोक लगाने और नजरबंद करने के बाद अब पुलिस ने राजा उदय प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) के पिता पर धारा 144 का उल्लंघन करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और बाजार बंद कराने का आरोप है।
कुंडा के शेखपुर आशिक में मोहर्रम के दौरान भंडारा और हनुमान चालीसा का पाठ रोके जाने के मामले ने इस बार तूल पकड़ लिया। पहले जिला प्रशासन ने उदय प्रताप सिंह को 9 से 12 सितम्बर तक शेखपुर के हनुमान मंदिर पर हनुमान चालीसा का पाठ करने और प्रसाद वितरण की अनुमति नहीं दी। फिर उनको नजरबंद कर उन्हीं के महल में सोमवार शाम पांच बजे से मंगलवार रात नौ बजे तक पुलिस के पहरे में रखा। इससे पहले शेखपुर में लगाए गए केसरिया झंड़ों को हटाए जाने का नोटिस चस्पा किया।
सोमवार शाम डीएम-एसपी पहुंचे तो झंडे हटाने का दबाव बनाने लगे। मंगलवार देर रात थाना प्रभारी देवेन्द्र प्रताप सिंह की तहरीर पर पुलिस ने राजा उदय प्रताप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। थाना प्रभारी ने तहरीर में आरोपित किया कि उदय प्रताप सिंह ने प्रयागराज-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग की दाहिनी पटरी पर करबला से रेलवे क्रॉसिंग तक झंडे लगाए हैं, जिस रास्ते से ताजिया करबला को ले जाए जाते हैं।
इस बारे में आठ सितम्बर को एसडीएम मोहनलाल गुप्ता ने नोटिस भेजा था जिसे उदय प्रताप ने लेने से मना कर दिया। राजा उदय प्रताप सिंह की ओर से कहा गया था कि 10 सितम्बर को कुंडा का बाजार बंद कराएंगे। रात में बंद के आह्वान के पोस्टर भी चिपकाए मिले। इस पर विशेष समुदाय वर्ग में आक्रोश था।
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