यूरोपीय यूनियन के दूत बोले- ‘घाटी से प्रतिबंध तेजी से हटाए जाने की जरूरत’

यूरोपीय यूनियन के दूत बोले- ‘घाटी से प्रतिबंध तेजी से हटाए जाने की जरूरत’

यूरोपीय यूनियन के ग्यारह प्रतिनिधियों की तरफ से कश्मीर दौरे के एक दिन बाद उनकी तरफ से शुक्रवार को कहा गया कि इंटनेट और राजनेताओं नेताओं की हिरासत समेत बाकी प्रतिबंधों को भी धीरे से हटा लिया जाए।

12-13 फरवरी को जम्मू कश्मीर की यात्रा करने वालों में भारत में नियुक्त यूरोपीय यूनियन के राजदूत उगो अस्तुतो समेत 25 राजदूत और डिप्टी चीफ में शामिल थे। सरकार और सुरक्षा अधिकारियों के साथ ही राजनयिकों ने सरकार की तरफ से मंजूर किए गए जमीनी स्तर के राजनेताओं, यूथ, पत्रकारों और व्यापारियों के साथ बातचीत की।

ईयू के विदेश और सुरक्षा नीति मामलों की प्रवक्ता वीर्जिनेई बट्टु-हेनरिक्शन ने एक बयान में भारत सरकार की तरफ से कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाली के लिए उठाए गए ‘साकारात्मक कदम’ और क्षेत्र की ‘सुरक्षा चिंता’ को लेकर नई दिल्ली की गंभीरता को माना।

लेकिन, उन्होंने आगे कहा कि यूरोपीय यूनियन ऐसा मानता है कि और अधिक करने की आवश्यकता है ताकि प्रतिबंधों को खत्म किया जा सके।

बट्टु-हेनरिक्शन ने कहा- “भारत सरकार की ओर से सामान्य स्थिति बहाली की दिशा में यह यात्रा उसे पुष्टि करती है। इंटरनेट एक्सेस, और मोबाइल सर्विस के साथ राजनेताओं के हिरासत समेत कुछ प्रतिबंध अभी भी लगा हुआ है।” उन्होंने आगे कहा- “एक तरफ जहां हमने गंभीर सुरक्षा चिंता को माना है तो यहीं ये भी जरुरी है कि बाकी प्रतिबंधों को धीरे से हटाया जाए।”

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