
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रदेश की 13 विधानसभा सीटों पर होने वाले उप-चुनाव के लिए प्रचार-प्रसार में जुट गई है। पार्टी ने प्रदेश में तीन को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा तथा भीमराव अंबेडकर को चुना गया है।
अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला लेने के बाद पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को बसपा प्रदेश कार्यालय में उत्तर प्रदेश विधानसभा उप-चुनाव को लेकर अहम बैठक की।
बैठक में सभी जिला अध्यक्षों के साथ विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व सांसद, विधायक व सभी पदाधिकारी शामिल रहे। मायावती ने पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को चुनाव जीतने के मंत्र दिए।
खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, बसपा के लिए प्रदेश में अब एक मंडल (जोन) में एक ही इंचार्ज होगा। इससे पहले तीन मंडल का एक ही इंचार्ज होता था। मायावती ने कहा कि इस बार खास रणनीति के तहत पार्टी के पुराने व वरिष्ठ चेहरों को ही ज्यादातर चुनाव मैदान में उतारा गया है, जिनको जिताने के लिए कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को हर प्रकार से सहयोग करना होगा।
बसपा मुखिया ने पार्टी पदाधिकारियों को तीन राज्यों में होने वाले चुनाव और उत्तर प्रदेश के उप-चुनाव को मजबूती और पूरी ताकत से लड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में पार्टी को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों के खिलाफ लड़ना है।
मायावती ने कहा कि सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथों में लिए बिना हमारे लोगों का हित और कल्याण संभव नहीं है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की दुर्दशा बड़ी चर्चाओं में है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह नोटबंदी और जीएसटी का कुप्रभाव तो नहीं। देश में फैली गरीबी और बेरोजगारी पर सरकार को पहले ध्यान देना चाहिए। मायावती ने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों और विफलताओं के कारण आज देश का ये हाल है और अब भाजपा भी वही गलती कर रही है।
नवनियुक्त राज्य को-अर्डिनेटर मुनकाद अली ने कहा, “हमारा मकसद पार्टी संगठन को मजबूत करना है। राज्य स्तर पर संगठन को मजबूत करने का निर्देश मिला है। बहन जी ने उप-चुनाव में प्रत्याशियों को जिताने का निर्देश दिया है। तीन मंडलों की व्यवस्था को बदल दिया गया है। बसपा की नीति अल्पसंख्यक और सर्व समाज के पक्ष में है।”
ज्ञात हो कि बहुजन समाज पार्टी ने बीते दिनों आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 13 सीटों पर होने वाले विधानसभा उप-चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया था। इस दौरान 12 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान भी कर दिया था।
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