
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को सरकार ने तीन तलाक से मुक्ति दिलाई जिससे उनके अधिकारों की रक्षा की जा सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की मुस्लिम बेटियां डरी हुई थीं।
भले ही वो तीन तलाक की शिकार नहीं बनी हों लेकिन उनके मन में डर रहता था। पीएम ने कहा कि तीन तलाक को कई इस्लामिक देशों ने भी खत्म कर दिया था, तो हमने क्यों नहीं किया। अगर देश में सती प्रथा, दहेज और भ्रूण हत्या के खिलाफ कानून बना सकते हैं तो तीन तलाक के खिलाफ क्यों नहीं।
साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नई सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिए गए हैं, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 90,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए, किसानों के लिये पेंशन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि यह समय 21वीं सदी के भारत और लोगों के सपनों को पूरा करने के बारे में सोचने का समय है।
अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र लेकर हम चले थे लेकिन 5 साल में ही देशवासियों ने ‘सबका विश्वास’ के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत जल संरक्षण के महत्व को समझता है और इसीलिए नया मंत्रालय ‘जल शक्ति’ बनाया गया, स्वास्थ्य संबंधी क्षेत्र को लोगों के अनुकूल और बेहतर बनाने के लिये कदम उठाये गए हैं।
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