
तमिलनाडू की रहने वाली शाहीन ज़ैनब फातिमा ने सुरक्षा की मांग के लिए मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और आरोप लगाया कि उसके माता-पिता उसे इस्लाम अपनाने के लिए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फ़ातिमा (एम कीर्थना देवी) पीरामलाई कल्लार की रहने वाली है जिसने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम अपना लिया था अब उसको जान से मारने की धमकी दी जा रही है ।
मद्रास उच्च न्यायालय में दायर याचिका में उसने दावा किया कि जब वह कॉलेज में पढ़ रही थी, तब उसने मुस्लिम धर्म पर एक रिसर्च दौरान इस्लाम को लेकर सोच बदली और मैंने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम अपनाने का निर्णय लिया।
जब ये बात घर वालों को पता चली तो उन्होंने अपनी इज्ज़त की खातिरमेरे माता-पिता ने 11 सितंबर तक उसे अवैध हिरासत में में रखा और मारने की धमकी दी। फातिमा ने आरोप लगते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस भी मेरे माता-पिता का समर्थन कर रही थी और मुझे परेशान कर रही थी।
नतीजतन जिसके बाद मैं 12 सितंबर को घर से निकल गई और जामियाथ्युल अहलिल कुरान वल हदीस (JAQH) नामक संस्था के पास गई जिसने मुझे आश्रय दिया। फातिमा ने आरोप लगाया की मेरे माता-पिता ने दुबारा मुझे परिवार के इज्ज़त के लिए मारने की धमकी दी,
फातिमा ने आगे बताया की सुरक्षा की मांग के लिए मैंने पुलिस महानिदेशक और नगर आयुक्त को आवेदन दिया है इसके बावजूद मुझे सुरक्षा देने के लिए कोई क़दम नहीं उठाया गया है। इसलिए मैंने पुलिस सुरक्षा लेने के लिए मदुरै अदालत में याचिका दायर की है।
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