मीडिया की गलत खबर: यूपी सरकार ने ‘दीपोत्सव’ के लिए 133 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च को मंज़ूरी दी

26 अक्टूबर को, अयोध्या में “दीपोत्सव” के लिए 5.51 लाख ‘दिये’ जलाए गए। इस कार्यक्रम को एक अधिकारिक समारोह घोषित किया गया जिसका सारा खर्च उत्तरप्रदेश सरकार उठाएगी। मीडिया ने खबर प्रकाशित कर बताया कि यूपी सरकार ने इस आयोजन के लिए 133 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी है। सभी बड़े मीडिया संगठन ने ऐसी ही समान रिपोर्ट प्रकाशित की –NDTV, न्यूज़क्लिक, नेशनल हेराल्ड, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, लाइवहिंदुस्तान, द इंडियन एक्सप्रेस, ABP न्यूज़, मुंबई मिरर, द वायर, द हिन्दू, द क्विंट, जनसत्ता, आउटलुक, डेली पायनियर, और कुछ अन्य मीडिया संगठन। इनमें से कुछ मीडिया संगठन, जैसे NDTV, आउटलुक, ने IANS के लेख को पुनः प्रकाशित किया था।

पत्रकार राहुल पंडिता और साक्षी जोशी ने भी समान ट्वीट किया है।

दक्षिण पंथी वेबसाइट ओपइंडिया ने भी बताया कि इस आयोजन के लिए अनुमानित 133 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

1.33 करोड़, 133 करोड़ रुपये नहीं

2019 के ‘दीपोत्सव’ की अनुमानित राशि 132.70 लाख रुपये या लगभग 1.33 करोड़ रुपये है, ना कि 133 करोड़ रुपये। इस बात को सबसे पहले NDTV के पत्रकार आलोक पांडे ने बताया था। प्रेस रिलीज़ में शामिल बजट उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर मौजूद है। अधिकांश मीडिया रिपोर्टों द्वारा गलत आंकड़ों को प्रकशित होने के एक दिन पहले यह प्रेस रिलीज़ जारी की गई थी।

प्रेस रिलीज़ के अनुसार, “वर्ष 2019 में आयोजन पर लगभग 132.70 लाख रुपये के व्यय का अनुमान है। इस मेले के आयोजन पर होने वाले व्ययभार का वहन शासन द्वारा धनराशि की उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा।”

इन सब में से कुछ मीडिया संगठन ने इस आंकड़े को सही प्रकाशित किया था – दैनिक जागरण और पंजाब केसरी

इस प्रकार, उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘दीपोत्सव’ के लिए 133 करोड़ रुपये मंजूर नहीं किये हैं बल्कि अभी सिर्फ ‘राज्य मेला के रूप में घोषित किया गया है, जिसमें “धन की उपलब्धता” के आधार पर 1.33 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई है।

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