
पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्वीट किया है।
माननीय उच्चतम न्यायालय ने राम जन्म भूमि फ़ैसले में बाबरी मस्जिद को तोड़ने के कृत्य को ग़ैर क़ानूनी अपराध माना है। क्या दोषियों को सज़ा मिल पायेगी? देखते हैं। २७ साल हो गये।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) November 10, 2019
हरिभूमी पर छपी खबर के अनुसार, उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि राम जन्म भूमि के निर्णय का सभी ने सम्मान किया हम आभारी हैं। कांग्रेस ने हमेशा से यही कहा था हर विवाद का हल संविधान द्वारा स्थापित कानून व नियमों के दायरे में ही खोजना चाहिये। विध्वंस और हिंसा का रास्ता किसी के हित में नहीं है।
राम जन्म भूमि के निर्णय का सभी ने सम्मान किया हम आभारी हैं। कॉंग्रेस ने हमेशा से यही कहा था हर विवाद का हल संविधान द्वारा स्थापित क़ानून व नियमों के दायरे में ही खोजना चाहिये। विध्वंस और हिंसा का रास्ता किसी के हित में नहीं है।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) November 10, 2019
इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और संघ पर बिना नाम लिए निशाना भी साधा है। उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा है कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने राम जन्म भूमि फ़ैसले में बाबरी मस्जिद को तोड़ने के कृत्य को ग़ैर क़ानूनी अपराध माना है। क्या दोषियों को सज़ा मिल पायेगी? देखते हैं। 27 साल हो गये।
बता दें कि शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में अपना फैसला सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवादित जमीन पर ही राम मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए कानून बनाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार तीन महीने में मंदिर को लेकर एक ट्रस्ट बनाए। इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह मुस्लिम पक्ष के लिए अलग से अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन की व्यवस्था करे।
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