नई दिल्ली: विश्वविख्यात दिनी मदरसे दारुल उलूम देवबंद के परिसर में बन रही आलीशान लाइब्रेरी के बारे में शासन की तरफ से एनओसी और अनुमति पत्र उपलब्ध कराने के सम्बंध में पत्र भेजा है,इस बारे में दारुल उलूम को उपजिलाधिकारी देवबंद ने पत्र भेजा था।
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा है कि यदि एनओसी और अनुमति पत्र उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आरबीओ एक्ट के तहत निर्माण रुकवा दिया जाएगा।

दारुल उलूम परिसर में वृहद लाइब्रेरी का निर्माण कार्य किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी देवबंद ने गत 26 जून को दारुल उलूम के मोहतमिम को पत्र भेजकर कहा था कि लाइब्रेरी के निर्माण के साथ ही लाइब्रेरी के ऊपर/परिसर में हेलीपैड का निर्माण होने की जानकारी मिली है।
इस संबंध में दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम से उक्त निर्माण कार्य से संबंधित अनुमति पत्र एवं सुरक्षा की दृष्टि से अनापत्ति प्रमाण-पत्र एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करने को कहा गया था। दारुल उलूम की तरफ से गत चार जुलाई को पत्र भेजकर कहा गया कि लाइब्रेरी के ऊपर/परिसर में हेलीपैड नहीं बन रहा है।
इसके बाद लाइब्रेरी के निर्माण से संबंधित अनुमति पत्र एवं सुरक्षा की दृष्टि से अनापत्ति प्रमाण-पत्र एक सप्ताह के अन्दर प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था, परन्तु जवाब नहीं आया। इस पर शनिवार को अनुस्मारक पत्र (रिमाइंडर) जारी कर पुन: लाइब्रेरी निर्माण से संबंधित अनुमति-पत्र एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अन्यथा आरबीओ एक्ट 1958 के प्रावधानों के अंतर्गत कराए जा रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने उक्त मामले में संपूर्ण जानकारी चाही है। ताकि वस्तुस्थिति की सही जानकारी प्राप्त हो सके।
दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी का कहना है कि पूर्व में उपजिलाधिकारी देवबंद का पत्र मिला था, उसका जवाब भेजा जा चुका है। दारुल उलूम परिसर में बन रही लाइब्रेरी में हेलीपैड नहीं बन रहा है। यदि प्रशासन इस संबंध में किसी प्रकार की जांच करेगा, तो पूरा सहयोग किया जाएगा।