नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में लोकसभा के बाद राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास करा लिया है,जिसके बाद जहां मुस्लिम समुदाय में रोष है वही भाजपा के लोग इसको अपनी बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं।
भाजपा छोड़कर काँग्रेस का दामन थामने वाले बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने तीन तलाक बिल पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है. अपने ट्वीट के जरिए उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के लिए इसे ऐतिहासिक दिन बताया है. इस ट्वीट को पढ़ने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा के सुर काफी बदले हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कि सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सराहनीय प्रयास. हमारे दोस्त और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के टीमवर्क का भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा.’ उन्होंने लिखा, ‘यह कदम महिलाओं और विशेष रूप से हमारी मुस्लिम बहनों की गरिमा सुनिश्चित करेगा।
Finally, big congratlations as the #TripleTalaqBill is a reality now bringing immense relief to our Muslim women. A super milestone, turning point at last, as women have been given justice, respect & honour which they truly deserve with this bill. A big victory for women
— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) July 31, 2019
उन्होंने अपने अलगे ट्वीट में लिखा, तीन तलाक बिल पास होने पर उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि मुस्लिम महिलाओं को बड़ी राहत. यह बिल मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि महिलाओं को न्याय और सम्मान मिल सकेगा जो इसके लायक हैं. महिलाओं के लिए बड़ी जीत।

गौरतलब है कि लोकसभा और राज्यसभा में तीन तलाक बिन पास होने के बाद अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति से मिली मंजूरी के बाद तीन तलाक कानून बन गया है. यह कानून 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा।
मोदी सरकार ने अपनी कुशल रणनीति और बेहतरीन फ्लोर मैनेजमेंट के जरिए इस बिल को 25 जुलाई को लोकसभा में और 30 जुलाई को राज्यसभा में पास करवाया था. बिल के कानून बनने के बाद ये तय हो गया है कि 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी तीन तलाक के मामले सामने आए हैं उन सभी का निपटारा इसी कानून के तहत किया जाएगा।
लोकसभा में तीन तलाक बिल पास होने के बाद मंगलवार को राज्यसभा में भी इस बिल को हरी झंडी मिल गई थी. इस बिल के पास होने के साथ ही अब किसी भी तरीके से तलाक देना अपराध माना जाएगा. बिल में 3 साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है।
राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 99 वोट पड़े वहीं इस बिल के विपक्ष में 84 वोट पड़े. वोटिंग के वक्त 183 सांसद ही सदन में मौजूद थे. चर्चा के बाद बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्ताव पर वोटिंग कराई गई. इससे पहले बिल को राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी को भेजने का प्रस्ताव 84 के मुकाबले 100 मतों से खारिज हो गया था।