
कोई महिला पति की तरफ से छोड़े जाने के बाद क्या उसे ससुराल के घर में रहने का किसी तरह का अधिकार है या नहीं, अब सर्वोच्च न्यायालय इस मसले पर सुनवाई करेगा।
न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, शीर्ष अदालत ने बुधवार को इस संबंध में फैसला लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को एक मुस्लिम महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है।
महिला को लगभग 15 वर्ष पूर्व पति द्वारा तीन तलाक दिए जाने के बाद ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया, जिसके खिलाफ पीड़िता ने अब शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है।
शबनम अहमद नाम की महिला ने अदालत में दाखिल की गई अपनी याचिका में दावा किया है कि 15 वर्ष पूर्व 2004 में उसका पति उसे छोड़कर इंग्लैंड चला गया था। साथ ही 3 बच्चों को भी उसके सहारे छोड़ गया।
वह अपने बच्चों के साथ ससुराल में ही रहकर गुजारा कर रही थी, किन्तु बाद में उसके ससुरालवालों ने एक बेटी के साथ उसे घर से बाहर कर दिया।
महिला का दावा है कि 2007 में उसके पति ने फोन पर ही उसे तीन तलाक दे दिया था और उसके बाद ससुरालवालों ने उसे बेटी के साथ घर से बाहर कर दिया।
उसके 2 बच्चे अभी भी ससुराल में ही हैं. शबनम ने गत वर्ष ट्रायल कोर्ट में ससुराल के घर में रहने को लेकर अधिकार दिए जाने के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया जिसके बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय में यह याचिका लगाई है।
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source