
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप सारंगी ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम कहना स्वीकार नहीं कर सकते, उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने ये बात अनुच्छेद 370 को हटाने पर आयोजित जन जागरण सभा में कही।
उन्होंने इस दौरान कहा, ‘जब भाजपा के विरोधी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुच्छेद 370 को खत्म करने के निर्णय का समर्थन किया है, तो कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई थी। अमित शाह ने कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट कर दिया है कि गुलाम कश्मीर (पीओके) और सियाचिन भी भारत का हिस्सा है।’
‘जम्मू और कश्मीर में माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण’
बालासोर से सांसद सारंगी ने कहा, ‘जो लोग वंदे मातरम को नहीं स्वीकारते उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है।यह सुनिश्चित करते हुए कि अनु्च्छेद 370 को हटाने का कदम 72 साल पहले लिया जाना चाहिए था। यह मोदी सरकार है जिसने 72 साल बाद कश्मीर में लोगों को सभी अधिकार दिए हैं। वर्तमान में, जम्मू और कश्मीर में माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।’
‘टुकडे-टुकडे गैंग और आतंकवादियों के समर्थक सबसे ज्यादा आहत’
उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद टुकडे-टुकडे गैंग और आतंकवादियों के समर्थक सबसे ज्यादा आहत हैं। कुछ लोग हैं जो यह साबित करने का प्रयास कर रहे हैं कि केंद्र का अनुच्छेद 370 को हटाने का तरीका गलत था। जबकि पूरी दुनिया ने अनुच्छेद 370 को हटाने पर भारत की सराहना की है, केवल तुकडे-टुकडे गैंग और आतंकवादियों के समर्थक सबसे अधिक पीड़ित हैं क्योंकि उन्हें इससे झटका लगा है।’
मानवाधिकार के मुद्दे पर जोर देते हुए, सारंगी ने कहा, “धारा 370 को खत्म करने के बाद कुछ लोग मानवाधिकारों के बारे में बात करते हैं। लेकिन आतंकवाद के समर्थक कभी भी पीड़ित नहीं हुए जब कश्मीर में तैनात सैकड़ों सैनिकों को मार दिया गया।”
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