
नई दिल्ली में स्थित जामिया मिल्लिया के छात्रों ने ज़ायोनी शासन के विरुद्ध मुर्दाबाद के नारे लगाए और उसके प्रतिनिधि को विश्वविद्यालय के कैम्पस में घुसने नहीं दिया।
पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जामिया मिल्लिया के छात्र विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में ज़ायोनी शासन के प्रतिनिधि को आमंत्रित किए जाने के विरुद्ध पिछले नौ दिनों से धरने पर बैठे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में किसी भी ज़ायोनी प्रतिनिधि को घुसने की अनुमति नहीं देंगे।
भारतीय मुसलमान और जामिया मिल्लिया ज़ायोनी शासन को मुसलमानों का दुश्मन समझती है और ज़ायोनी शासन के हाथों फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार और अपराधों पर रोष व्यक्त करती है।
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