गोरखपुर पुलिस द्वारा बच्चा चोरी की अफवाहों को फ़र्ज़ी बताने का वीडियो क्लिप कर गलत संदर्भ से शेयर

एक वीडियो व्हाट्सअप पर प्रसारित है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को कैमरा पर बोलते हुए देखा आ सकता है। वीडियो में पीछे ‘बच्चा चोरी की अफवाहों’ के बारे में चेतावनी दी जा रही है। पृष्भूमि में, लोगों से 500 लोगों के अंग व्यापार से जुड़े बच्चा चोरो के समूह से सावधान रहने के लिए कहा जा रहा है और यह चेतावनी ASP (शहर) गोरखपुर, कौस्तुब के हवाले से देने की बात कही गयी है।

पृष्भूमि में व्यक्ति को हिंदी में कहते हुए सुना जा सकता है,“लोगों से अनुरोध है कि किसी भी अजनबी जैसे कबाड़ी वाला, फेरीवाल या बाबा या कोई भिखारी कोई भी हो उसके लिए दरवाजा ना खोलें ना ही कोई बात करें। बस हल्ला करके भगा दे। गलती से भी यह शब्द ना कहे कि घर में कोई भी नहीं है बाद में आना या चले जाओ। घर में अगर कोई कुत्ता है तो उसे खोल दें उसी टाइम और मैन गेट को ना खोलें। अपना और अपने बच्चों का ध्यान रखिये। सतर्क रहे सुरक्षित रहें। आज बरगदवा से खबर मिली है कि भिखारी के वेश में 500 लोग निकले है, जो रास्ते में मिलता है उसका कलेजा काट देते है और किडनी निकाल देते है। जिसमें से 6-7 लोग पकड़े गए हैं वही लोगों ने कड़ी पूछताछ के बाद 500 लोगों के आने की बात कबुल की है। इसलिए हमारे भाईओ मैसेज को आपके जितने परिवार और मेंबर है। कृपया सावधान रहे 15 से 20 लोगों की टोली आयी है। उनके साथ बच्चे और महिला भी है उनके पास हथियार भी है और आधी रात को किसी भी वक़्त आते है और बच्चे के रोने की आवाज़ आती है। कृपया दरवाजा ना खोलें और प्लीज़ ज़्यादा से ज़्यादा ग्रुप में शेयर करें। पुरे एरिया में 2 से 3 दिन के अंदर फ़ैल जाना चाहिए। अपनी सुरक्षा अपने हाथ सावधान रहे जनहित में जारी गोरखपुर पुलिस। जबकि इस सम्मन में गोरखपुर न्यूज़ से बात करते हुए ASP(शहर) डॉ.कौस्तुब ने कहा”।

ऑल्ट न्यूज़ को इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए कई अनुरोध अपने अधिकृत एप्प पर प्राप्त हुए है।

झूठा संदेश

वीडियो को ध्यानपूर्वक देखने पर यह पता चलता है कि दावे में कोई सच्चाई नहीं है। पृष्भूमि में सुनाई दे रही आवाज़ स्क्रीन के नीचे प्रसारित हो रही ख़बरों से नहीं मिल रही है कि,“सोशल मीडिया में वायरल हो रहे मैसेज को एसपी सिटी डॉ.कौस्तुभ ने बताया ‘फ़र्ज़ी’, कहा कहीं नहीं है कोई ऐसी बात, दिखे कोई संदिघ्द तो पुलिस को करे सूचित, अपने माध्यम से ना करें कोई कार्यवाही।”

मूल वीडियो को क्लिप कर ऑनलाइन साझा किया गया

मूल वीडियो को गोरखपुर पुलिस ने 25 अगस्त को अपलोड किया था। वीडियो के पहले हिस्से में, एंकर गोरखपुर पुलिस के बयान का विस्तृत वर्णन करते हैं। वह दर्शकों को बताते हैं कि एएसपी कौस्तुब ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए संदेशों को ‘फर्ज़ी’ करार दिया है।

दूसरे भाग में, एंकर सोशल मीडिया में वायरल झूठे संदेश को पढ़ते है। इस हिस्से को क्लिप कर सोशल मीडिया में साझा किया गया है।

1:49 मिनट बाद, एएसपी को अफवाहों को ख़ारिज करते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चा चोरी अफवाहों वाले संदेश झूठे है और गोरखपुर से ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होने बताया कि गोरखपुर पुलिस के हवाले से दिया गया संदेश सोशल मीडिया में प्रसारित है लेकिन पुलिस ने ऐसी कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

ऑल्ट न्यूज़ द्वारा की गई पहले की पड़ताल

गोरखपुर के प्रसारण में दो वीडियो को समांतर प्रसारित किया जा रहा है।

इन दोनों मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को बच्चा चोरी की अफवाह के चलते भीड़ ने प्रताड़ित किया था।

महिला का वीडियो

इस महिला को यूपी के झांसी जिले के डिमरौनी गांव में भीड़ ने बंधक बना लिया था। ऑल्ट न्यूज़ ने बडागांव पुलिस स्टेशन से संपर्क किया था और हमें बताया गया था कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त थी। गांववालों ने उसे गलती से बच्चा चोर समझ लिया था। SI आरके पांडे ने बताया था कि,“हमने हाल में किसी भी बच्चा चोर को गिरफ्तार नहीं किया है”-अनुवाद।

महिला जैसे कपड़े पहने हुआ व्यक्ति

यह घटना भी उत्तर प्रदेश के झांसी में हुई थी। ऑल्ट न्यूज़ ने मौरानीपुर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और हमें बताया गया कि व्यक्ति बच्चा चोर नहीं था। वह मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति था जिसे बच्चा चोरी के संदेह में पीटा गया था। पुलिस ने हमें उस समय बताया था, “यह घटना कम से कम 10-15 दिन पुरानी है। इस लड़के का नाम पुष्पेंन्द्र सिंह है,और इनके पिता का नाम गजेंद्र सिंह है। वह मध्य प्रदेश के गुना में रूठियाई ग्राम से हैं और ग्वालियर में अपनी मानसिक बीमारी का इलाज करवाने आए थे। वह स्टेशन के पास अपना रास्ता भूल गए थेऔर घूमते हुए कह मऊरानीपुर के खिलारा में पहुंच गए, जहां स्थानीय लोगों ने उन्हें बच्चा चोर के संदेह में प्रताड़ित किया”।-अनुवाद।

पुलिस ने हमें यह भी बताया कि उन्हें जांच से पता चला कि यह युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है। उनके माता-पिता, जो अपने बेटे की तलाश कर रहे थे, उन्हें मध्यप्रदेश से मऊरानीपुर बुलाया गया। युवक के माता पिता ने बताया कि उनका बेटा इंजीनियरिंग का छात्र हुआ करता था।

समान संदेश अन्य भ्रामक वीडियो को साझा करने के लिए इस्तेमाल किया गया

1. गोरखपुर न्यूज़ एंकर द्वारा पढ़ा जा रहा संदेश पिछले दो महीने से सोशल मेडिया में प्रसारित किया जा रहा है। इसे एक अन्य पिता पुत्र के वीडियो को एक अकल्पनीय कहानी के साथ साझा करने की कोशिश की गई है कि उनके बेटे को बच्चा चोर ने अगवा करने की कोशिश की है। पुलिस ने इससे संबधित कोई केस दर्ज नहीं किया है क्योंकि दोनों की कहानी सच नहीं मालूम होती है।

साझा किये गए संदेश को आप नीचे देख सकते है।

“किसी भी अजनबी जैसे कबाड़ी वाला फेरी वाला बाबा या कोई भिखारी कोई भी हो उसके लिए दरवाज़ा ना खोले ना ही कोई बात करे बस हल्ला करके भगा दें। ग़लती से भी ये शब्द ना कहे । “अभी घर में कोई नही है बाद में आना या चले जाओ “ घर में अगर कुत्ता है तो उसे खोल दो उसी टाइम और मेन गेट मत खोलो। अपना और अपने बच्चे का ध्यान रखिए । सतर्क रहें। सुरक्षित रहें । Larankello से आज खबर मिली है की भिखारी के बेस में पांच सौ लोग निकले है जो रास्ते में जो मिलता है उसको काटकर कलेजे अौर कीडनी निकाल रहे है जिसमे से छः सात लोग पकड़े गाए है .जो पकडे़ गए हैं वही लोग को कडी़ पुछताच के बाद पांच सौ लोग आने की बात कबुल की है इसलिए हमारे भाईयों मेसेज को आपके जितने परिवार और मेंबर है सबको फाॅरवर्ड कीजिए: कृप्या सावधान रहे 15 से 20 लोगों की टोली आई है उनके साथ बच्चे और महीलांए हैं और उनके पास हथियार भी हैं और और आधी रात को किसी भी वक्त आते हैं और बच्चे के रोने की आवाज आती है कृपया दरवाजा ना खोले प्लीज ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में से शेयर करें पूरे एरिया में 2 से 3 दिन के अंदर फेल जाना चाहिए। अपनी सूरक्षा अपने हाथ, सावधान रहे, जनहित मे जारी .”

केवल शब्द ‘लारेनकेलो’, जो हिमाचल प्रदेश में है उसे उत्तर प्रदेश के ‘बरगदवा’ से बदल दिया गया है।

2. समान संदेश को ‘लारेनकेलो’ के शब्द के साथ एक अन्य वीडियो को प्रसारित किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश में एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को स्थानीय लोगों द्वारा प्रताड़ित किया गया था।

कम से कम 15 व्यक्तिओं पर पुरे दश भर में बच्चा चोरी की झूठी अफवाहों के कारण हमला किया गया। सोशल मिडिया उपयोगकर्ताओं से अनुरोध है कि झूठी अफवाहों को प्रसारित कर इसे आगे ना बढ़ाए। नीचे दिए गए वीडियो में सबसे ज़्यादा वायरल 15 मामलों की ऑल्ट न्यूज़ ने पड़ताल की है।

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