ग़ुलाम नबी आज़ाद को श्रीनगर एयरपोर्ट से दिल्ली वापस भेजा गया!

ग़ुलाम नबी आज़ाद को श्रीनगर एयरपोर्ट से दिल्ली वापस भेजा गया!

कांग्रेस नेता और राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद को गुरुवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोका गया और बाद में दिल्ली वापस भेज दिया गया। गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद आज श्रीनगर के दौरे पर जा रहे थे।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, आजाद का श्रीनगर में कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेने का कार्यक्रम था। गुलाम नबी आजाद के साथ जम्म-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को भी श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोका गया है।

इस बीच कांग्रेस नेता डॉक्टर कर्ण सिंह ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के सरकार के फैसले का समर्थन किया है। डॉक्टर कर्ण सिंह ने कहा कि इस फैसले को लेकर सरकार की चौतरफा निंदा करना सही नहीं है।

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का जो फैसला किया है वह कुछ हद तक अच्छा फैसला है। धारा 370 हटाने की जितनी निंदा की जा रही है वह ठीक नहीं है।

डॉक्टर कर्ण सिंह ने लद्दाख को संघ शासित प्रदेश बनाने का समर्थन किया और कहा कि धारा 35A हटाने का फैसला बिल्कुल ठीक है। उन्होंने बताया कि राज्य में 35A के का हवाला देकर कश्मीरी बेटियों के साथ भेदभाव होता था।

डॉक्टर कर्ण सिंह कश्मीर के आखिरी महाराजा हरि सिंह के बेटे हैं। महाराजा हरि सिंह ने ही कश्मीर रियासत को भारत के विलय की संधि की थी। महाराजा हरि सिंह अपने बेटे कर्ण सिंह को टाइगर कहकर बुलाते थे।

कर्ण सिंह 20 जून 1949 को जम्मू-कश्मीर के राज्याधिकारी बने और बाद में 17 नवंबर 1952 से लेकर 30 मार्च 1965 तक सदरे रियासत रहे। डॉ. कर्ण सिंह 30 मार्च 1965 को जम्मू-कश्मीर के पहले राज्यपाल बने।

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