
बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने इस मामले में अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार तथा पुलिस को कड़ी फटकार भी लगाई है.
पुलिस को कार्रवाई में अलग-अलग बोर के कुल 4431 कारतूस मिले हैं. इस बरामदगी के बाद पुलिस ने पहले के दर्ज एफआईआर की धाराओं में बढ़ोत्तरी भी की है. जानकारी के मुताबिक अब्बास अंसारी ने एक ही लाइसेंस पर पांच असलहे खरीद लिए थे.
अब्बास अंसारी ने एक लाइसेंस बनवाया था जिसे बाद में दिल्ली ट्रांसफर करा लिया. इसके बाद उसने अलग-अलग देशों से कीमती हथियार खरीद लिए. यूपी एसटीएफ को इसकी भनक लग गई. एसटीएफ ने इसके बाद छानबीन शुरू कर दी. पुलिस ने 12 अक्टूबर को महानगर कोतवाली में अब्बास अंसारी पर एक शस्त्र लाइसेंस से अवैध ढंग से कई हथियार खरीदने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की.
केस दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे अब्बास को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने शनिवार को बड़ी राहत दी. लखनऊ बेंच ने अब्बास की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. हाईकोर्ट के जस्टिस शबीहुल हसनैन व जस्टिस रेखा दीक्षित की बेंच ने ख्याति प्राप्त शूटिंग खिलाड़ी अब्बास अंसारी के गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए पुलिस और राज्य सरकार को फटकार लगाई.
कोर्ट ने कहा जब लखनऊ के जिलाधिकारी ने अब्बास अंसारी के असलहे के लाईसेंस के संदर्भ में एनओसी जारी कर दी, ज्वाइंट कमिश्नर आफ दिल्ली पुलिस ने अब्बास अंसारी को लाईसेंस जारी कर दिया, तो इस मामले में यूपी पुलिस कैसे एफआईआर दर्ज कर सकती है. यह पूरा मामला न्यायिक क्षेत्र दिल्ली का है. कोर्ट ने इस मामले में पुलिस से तीन सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है कि अब्बास अंसारी पर यूपी पुलिस ने क्यों कार्रवाई की.
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