
मध्य एशिया के दो देशों में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दस्तक दिया है। कुवैत और बहरीन ने सोमवार को अपने देशों में कोरोना वायरस की पुष्टि की है। दोनों देशों के स्वास्थ्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि पीडि़त ईरान से आए थे। कुवैत सरकार ने कहा है कि उनके यहां तीन नागरिकों में यह संक्रमण पाया गया है। संक्रमण पाए जाने के बाद दोनों देश सतर्क हो गए हैं।
इस बीच दक्षिण कोरिया में भी कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। चीन के बाद दुनिया का यह दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। देश में कोरोना वायरस के अब तक कुल 763 केस दर्ज हो चुके हैं। एक सप्ताह से भी कम समय में 700 से अधिक मामले सामने आए हैं। दक्षिणी शहर में एक धार्मिक संप्रदाय से यह संक्रमण तेजी से फैला है। रविवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने कोरोना को लेकर देश में अलर्ट जारी कर दिया। मून ने कहा कि संक्रमण की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। मून ने अपनी कैबिनेट की बैठक के बाद यह ऐलान किया।
कोरोना वायरस का रूप अब घातक हो गया है। इसके कहर से सोमवार को चीन में मृतकों की संख्या दो हजार के आंकड़े को पार कर गई है। चीन के बाहर भी इस वायरस के संक्रमण में अनेक देश आ चुके हैं। सबसे अधिक मामला दक्षिण कोरिया में देखा गया है। इसके बाद इटली और ईरान में तेजी से आंकड़े बढ़ रहे हैं। दक्षिण कोरिया, ईरान व इटली में तेजी से बढ़े मामले को देखते हुए इस बात की प्रबल आशंका बन रही है कि चीन से शुरू होकर विभिन्न देशों तक फैल रहा कोरोनावायरस कहीं महामारी का रूप न ले ले।
चीन से बाहर फैल रहे कोरोना वायरस के कारण कई देशों में अर्थव्यवस्थाएं भी हिल गई हैं। एशियाई शेयर बाजारों और वॉल स्ट्रीट स्टॉक में गिरावट है, क्योंकि सुरक्षा के लिहाज से एहतियातन निवेशक दूसरी जगहों पर चले गए हैं। तेल की कीमतें भी गिर गईं हैं। पिछले साल दिसंबर में पहला मामला चीन में सामने आया था। लेकिन पिछले दो महीनों में यह वायरस चीन की सीमा को पार कर अन्य कई देशों तक पहुंच चुका है।
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