कुर्बानी के जानवरों के लाने जाने के लिये मुहैया कराई जायेगी पुलिस सुरक्षा,मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी,देखिए

नई दिल्ली: ईद उल अज़हा( बकरीद) का चाँद दिखाई देने के बाद अब कुर्बानी के जानवरों की खरीद फरोख्त शुरू हो गई है,ऐसे में जानवरों को लाते ले जाते समय घटनाएं हो जाती है।

काँग्रेस विधायक तनवीर सैत ने कर्नाटक के मु्ख्यमंत्री येदियुरप्पा को पत्र लिखकर बकरीद के चलते पुलिस सुरक्षा की मांग की है. पत्र में कहा गया, बकरीद के चलते जानवरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाएगा. ऐसे में पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

इसके जवाब में येदियुरप्पा ने लिखा, हम त्यौहार के लिए पूर समर्थन प्रदान करते हैं और पुलिस सुरक्षा देने का काम करेगी. अब बकरीद के मौके पर पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

कर्नाटक में सत्ता की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सरकार विपक्ष की आलोचना के शिकार हो गए थे. येदियुरप्पा ने कर्नाटक सरकार के कन्नड़ और संस्कृति विभाग को टीपू सुल्तान जयंती न मनाने का आदेश जारी किया था. यह कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया था. विपक्ष ने इस मुद्दे पर येदियुरप्पा को घेर लिया था।

बीजेपी विधायक बोपैया ने मुख्यमंत्री बीएस. येदियुरप्पा को चिट्ठी लिख कर राज्य में टीपू जयंती के जश्न पर रोक लगाने की मांग की थी. इससे पहले कर्नाटक में जब कांग्रेस-जेडीएस की सरकार थी तो ये समारोह काफी धूमधाम से मनाया जाता था।

बता दें कि राज्य में टीपू जयंती का मुद्दा पहले से गरम रहा है और बीजेपी अक्सर इसका विरोध करती रही है. 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती हर साल 10 नवंबर को मनाई जाती है लेकिन अब जब राज्य में बीजेपी की सरकार आ गई तो इस पर रोक का निर्णय लिया गया है।

पिछले साल भी कांग्रेस-जेडीएस सरकार के दौरान इस जयंती को धूमधाम से मनाया गया था. कांग्रेस नेता सिद्धारमैया कई जगह कार्यक्रम में शामिल भी हुए थे और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना भी साधा था. सिद्धारमैया का कहना था कि राज्य में महापुरुषों की जयंती मनाने की रस्म पहले से चलती आई है, हम भी उसी प्रथा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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