ओवैसी का सवाल- अगर सबरीमाला पर रिव्यू पिटिशन हो सकता है तो बाबरी पर क्यों नहीं?

ओवैसी का सवाल- अगर सबरीमाला पर रिव्यू पिटिशन हो सकता है तो बाबरी पर क्यों नहीं?

एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा सवाल उठाया है।
बाबरी मस्जिद फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कहा कि अगर सबरीमाला और एससी/एसटी मामले में रिव्यू पीटिशन दायर हो सकता है तो अयोध्या पर क्यों नहीं?

आज तक पर छपी खबर के अनुसार, असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विटर पर लिखा, ‘मैं कोई मशहूर मुस्लिम नहीं हूं लेकिन मेरी दो बाते हैं- सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अधीन रिव्यू पिटिशन एक उपाय है और मैं सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर करने वाले वादियों के अधिकार के साथ खड़ा हूं।

दूसरा- अगर सबरीमाला और एससी/एसटी एक्ट मामले में रिव्यू पीटिशन से ध्रुवीकरण में मदद नहीं मिली, तो इस मामले में भी ऐसा नहीं होना चाहिए।

इससे पहले अयोध्या फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी कह चुके हैं कि सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है लेकिन अचूक नहीं है। उन्होंने अयोध्या भूमि विवाद मामले में फैसले को तथ्यों के ऊपर आस्था की एक जीत बताया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने आशंका जाहिर की कि संघ परिवार कई अन्य मस्जिदों के मामलों में इस फैसले का उपयोग कर सकता है, जिस पर उनके दावे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सूची में मथुरा, काशी और लखनऊ की मस्जिदें शामिल हैं।

साभार आज तक

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